‘ मुरलीधर हाईटेक कॉलोनी ‘के पोस्टरों से सरकारी खंभे पटे,पूरे नगर में प्रचार का ‘जाल’
शासन के सब नियम,कायदे कानून,ताक पर
‘ मुरलीधर हाईटेक कॉलोनी ‘के पोस्टरों से सरकारी खंभे पटे,पूरे नगर में प्रचार का ‘जाल
✍️भारत संवाद ✍️कालापीपल(बब्लू जायसवाल)
नगर में इन दिनों प्रचार-प्रसार का एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। ‘मुरलीधर हाईटेक कॉलोनी’ के पोस्टर शहर के विभिन्न हिस्सों में लगे शासकीय खंभों पर नजर आ रहे हैं,देखते ही देखते सरकारी खंभे प्रचार सामग्री से पटे दिखाई देने लगे हैं,सवाल यह है कि क्या शासकीय खंभे निजी प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं,यदि नियम इसकी अनुमति नहीं देते तो फिर जिम्मेदार विभाग की नजर इन पोस्टरों पर अब तक क्यों नहीं पड़ी,नगर में स्वच्छता और सुंदरता को लेकर अभियान चलाए जाते हैं,वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक संपत्तियों पर जगह-जगह पोस्टर चस्पा होने से शहर की तस्वीर पर सवाल खड़े हो रहे हैं,सरकारी खंभे तक विज्ञापन की चपेट में आ गए हैं,मुरलीधर हाईटेक कॉलोनी के पोस्टर नगर के अलग-अलग हिस्सों में शासकीय खंभों पर चस्पा दिखाई दे रहे हैं,जहां एक ओर नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की बातें होती हैं, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक खंभों पर जगह-जगह पोस्टर नजर आने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं,क्या सार्वजनिक संपत्ति प्रचार के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति है ? यदि नहीं,तो जिम्मेदारों की नजर इस ओर क्यों नहीं पड़ रही,अब छसरकारी खंभे ही प्रचार का स्थायी ‘विज्ञापन बोर्ड’ बनकर रह जाएंगे ?
*मुख्य कानूनी प्रावधान और नियम*
• लिखित अनुमति के बिना रोक:अधिनियम की धारा 3 के अनुसार,किसी भी व्यक्ति या संस्था को यह अधिकार नहीं है कि वह बिना लिखित अनुमति के सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी भी शासकीय संपत्ति जैसे दीवार,भवन,खंभे,पानी की टंकी,पेड़ आदि पर स्याही,रंग,पोस्टर या बैनर से कुछ लिखे या चिपकाए।
• शासकीय संपत्ति का उपयोग वर्जित:किसी भी सरकारी परिसर या संपत्ति का उपयोग निजी विज्ञापनों या प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता। निर्वाचन या आम दिनों के दौरान भी सरकारी संपत्तियों पर प्रचार सामग्री लगाना दंडनीय अपराध है।
• दंड और कार्रवाई: इस नियम का उल्लंघन करने पर संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत संज्ञेय (Cognizable)अपराध माना जाता है,दोषी पाए जाने पर जुर्माना या अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाती है तथा विरूपित की गई संपत्ति को पुनःठीक कराने का खर्च भी संबंधित व्यक्ति से वसूला जाता है।



