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महासमुन्द : राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राफ्टेड बैगन की खेती से मकरध्वज की बढ़ी

महासमुन्द : राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राफ्टेड बैगन की खेती से मकरध्वज की बढ़ी

महासमुन्द : राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राफ्टेड बैगन की खेती से मकरध्वज की बढ़ी आमदनी

तिलक राम पटेल ब्यूरोचिफ महासमुंद जिला प्रमुख भारत संवाद टीवी न्यूज चैनल दैनिक अपडेट अखबार

महासमुन्द : राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राफ्टेड बैगन की खेती से मकरध्वज की बढ़ी आमदनी

 

 

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा में किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को विशेष महत्व मिला है। इसी दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार की कृषि एवं उद्यानिकी योजनाओं का लाभ लेकर महासमुन्द जिले के किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ उन्नत उद्यानिकी फसलों को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। जिले के बसना विकासखण्ड के ग्राम अंकोरी निवासी किसान श्री मकरध्वज की सफलता इसी बदलाव की एक कहानी है।

श्री मकरध्वज ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राफ्टेड बैगनध्टमाटर सीडलिंग प्रदर्शन का लाभ लेकर एक एकड़ क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैगन की खेती की। इसके लिए उन्हें योजना के तहत 30 हजार रुपये का अनुदान डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया गया। उन्होंने उन्नत पौध सामग्री एवं ड्रिप सिंचाई जैसी तकनीकों को अपनाकर उद्यानिकी फसल का उत्पादन किया।

किसान मकरध्वज बताते हैं कि उनके पास कुल 0.40 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। पहले वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। उद्यानिकी फसल को अपनाने के बाद उन्होंने एक एकड़ में ग्राफ्टेड बैगन का उत्पादन किया, जिससे लगभग 146 क्विंटल उपज प्राप्त हुई। बैगन का विक्रय लगभग 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से किया गया। इस प्रकार उन्नत उद्यानिकी तकनीक और फसल विविधीकरण ने उनकी कृषि आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया। वे निरंतर नई कृषि तकनीकों एवं उद्यानिकी पद्धतियों की जानकारी प्राप्त करने के लिए विभागीय अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं तथा समय-समय पर शासन की योजनाओं का लाभ उठाते हैं। ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीक के उपयोग से फसल प्रबंधन को बेहतर बनाने में भी उन्हें मदद मिली है। वे स्वयं उन्नत खेती करने के साथ गांव और आसपास के किसानों को भी उद्यानिकी फसल अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके प्रक्षेत्र का अन्य किसान भ्रमण कर ग्राफ्टेड बैगन की खेती की तकनीक, फसल प्रबंधन और उत्पादन संबंधी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

क्रमांक/149/879/ पोषण साहू

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