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*राजनांदगांव क़े चिखली स्कूल में ‘सेवा सेतु’ बना सिर्फ नाम का निराकरण केंद्र !

चिखली स्कूल कैंप मे नजर आये चंद पार्षद और कुछ आमजन,समस्याओं के नाम पर जनता को मिला नगर निगम जाने का फरमान* 

*राजनांदगांव क़े चिखली स्कूल में ‘सेवा सेतु’ बना सिर्फ नाम का निराकरण केंद्र ! चिखली स्कूल कैंप मे नजर आये चंद पार्षद और कुछ आमजन,समस्याओं के नाम पर जनता को मिला नगर निगम जाने का फरमान* 

 *संवाददाता संगीता सिंह राजनांदगांव।* 

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम जनता की शिकायतों का एक ही छत के नीचे त्वरित निराकरण करने और सरकारी योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को चिखली स्थित स्कूल में ‘सेवा सेतु मेगा कैंप’ का आयोजन किया गया। अभियान की मुख्य मंशा यह थी कि इस ‘सेवा सेतु’ के जरिए नागरिक पेंशन, राशन कार्ड, आय-निवास प्रमाण पत्र, साफ-सफाई और बिजली-पानी जैसी समस्याओं का मौके पर ही समाधान पा सकें। लेकिन धरातल पर इस कैंप का नजारा बिल्कुल इसके उलट नजर आया और पूरी व्यवस्था अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई।


जनप्रतिनिधि नदारद, जनसमस्याएं लावारिस

जिस मेगा कैंप का उद्देश्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में लोगों के आवेदनों का तत्काल निपटारा करना था, वहां वार्ड के पार्षद ही नदारद मिले। स्थानीय जनप्रतिनिधि की अनुपस्थिति के कारण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे नागरिकों को न तो सही मार्गदर्शन मिला और न ही कोई सुध लेने वाला था। पार्षद की इस गैरहाजिरी को लेकर वार्डवासियों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय लोगों का कहना था कि चुनाव के समय वोट मांगने घर-घर आने वाले प्रतिनिधि आज जनसमस्याओं के समाधान के समय गायब हैं।

त्वरित निराकरण की जगह मिला नगर निगम जाने का फरमान

शिविर में समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करने का बड़ा-बड़ा बोर्ड लगाया गया था, लेकिन असलियत में किसी भी समस्या का हल नहीं निकाला गया। दूर-दराज से पहुंचे बुजुर्गों, महिलाओं और आम नागरिकों को आवेदन जमा करने के बाद अधिकारियों की तरफ से केवल एक ही जवाब मिला— “यहाँ कुछ नहीं होगा, आप अपनी समस्या लेकर सीधे नगर पालिका निगम कार्यालय जाएं और संपर्क करें।”

‘सेवा संकल्प’ की मूल भावना पर फिरा पानी

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘सेवा सेतु’ शिविरों का मुख्य लक्ष्य प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाना और लोगों का समय व चक्कर बचाना था। परंतु चिखली स्कूल में आयोजित इस कैंप ने सरकार के इन जनहितकारी संकल्पों के दावों की पोल खोलकर रख दी।

नागरिकों ने सवाल उठाया है कि यदि हर काम के लिए नगर निगम का ही चक्कर लगाना है, तो फिर इस तरह के ‘मेगा कैंप’ आयोजित कर जनता के समय और सरकारी संसाधनों की बर्बादी क्यों की जा रही है? अब देखना यह होगा कि चिखली में लगे इस अव्यवस्थित कैंप और जनप्रतिनिधि की अनुपस्थिति पर नगर निगम प्रशासन तथा उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं।

राजनंदगांव नगर निगम द्वारा जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के दावों की पोल चिखली स्कूल में आयोजित ‘सेवा सेतु’ शिविर ने खोलकर रख दी है। आम जनता को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया यह शिविर प्रशासनिक लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी के कारण महज़ एक औपचारिकता बनकर रह गया। आलम यह रहा कि जिस ‘सेवा सेतु’ को समाधान का केंद्र बनना था, वह सिर्फ नाम का निराकरण केंद्र साबित हुआ।

चंद पार्षद और खाली कुर्सियां, शिविर से नदारद दिखा उत्साह

चिखली स्कूल परिसर में बने इस कैंप में अव्यवस्था का माहौल छाया रहा। शिविर में गिने-चुने पार्षद और कुछ आमजन ही नजर आए। जनता अपनी समस्याओं के निराकरण की उम्मीद लेकर पहुँची थी, लेकिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सुस्ती ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दूर-दराज से अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे लोग अधिकारियों का इंतजार ही करते रह गए।

निराकरण की जगह मिला ‘निगम दफ्तर जाने का फरमान’

कैंप का मुख्य उद्देश्य लोगों के घर के पास ही उनकी समस्याओं का समाधान करना था, लेकिन यहाँ स्थिति बिल्कुल उलट नजर आई। अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर पहुंचे नागरिकों को समाधान देने के बजाय अधिकारियों द्वारा ‘निगम जाने का फरमान’ सुना दिया गया। शिविर में पहुंचे आक्रोशित नागरिकों का कहना है कि जब समस्याओं के लिए फिर से निगम के चक्कर ही काटने हैं, तो ऐसे दिखावटी कैंप आयोजित करने का क्या औचित्य है?

प्रशासनिक दावों पर उठे गंभीर सवाल

सेवा सेतु शिविर में दिखी इस बदहाली ने नगर निगम के प्रशासनिक तंत्र और जनसेवा के दावों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी निराशा और नाराजगी है कि जनहित के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। जनता अब सवाल पूछ रही है कि क्या ‘सेवा सेतु’ का मकसद सिर्फ कागजी औपचारिकता पूरी करना है या वाकई जनता की समस्याओं को हल करना?

शेखर ठाकुर संपादक

शेखर ठाकुर वर्तमान में भारत संवाद न्यूज़ चैनल और दैनिक संवाद अपडेट समाचार पत्र में छत्तीसगढ़ संपादक के रूप कार्यभार संभाल रहे हैं। पत्रकारिता के प्रति अपने समर्पण और स्थानीय मुद्दों पर गहरी पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले शेखर, छत्तीसगढ़ की हर छोटी-बड़ी खबर को प्रमाणिकता के साथ जनता और प्रशासन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

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