पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केंद्र में हुआ ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम
महिलाओं को आत्मनिर्भरता का संदेश!!

पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केंद्र में हुआ ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम, महिलाओं को आत्मनिर्भरता का संदेश!!
सुमित (जिला संवाददाता, कांकेर)
पखांजूर। महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना पखांजूर के अंतर्गत ग्राम पंचायत पेंढरी-96, सांवनपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण माह के तहत ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सेक्टर के 22 आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के साथ बड़ी संख्या में महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं एवं ग्रामीण महिलाएं शामिल हुईं।
कार्यक्रम में बांदे क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य सुनीता मण्डल विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने स्तर से एवं स्वयं के खर्च से महिलाओं के लिए माहिया तथा फल की व्यवस्था कर कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को वितरित किया। महिलाओं के साथ संवाद करते हुए उन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष मोनिका साहू भी उपस्थित रहीं। उन्होंने महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जुड़कर शासन की योजनाओं का लाभ लेने तथा आर्थिक रूप से मजबूत बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि सशक्त महिला ही सशक्त परिवार और मजबूत समाज की नींव रख सकती है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए उन्होंने अपने विचार साझा किए।
पोषण और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फल, सब्जियों एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों से रंगोली तैयार कर सुपोषण का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्रों में बेहतर कार्य करने वाली 22 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सम्मानित किया गया। जिला पंचायत एवं ग्राम पंचायत की ओर से सभी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं महिलाओं और बच्चों को फल भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में आराधना साहू, अर्चना विश्वास, सुपमा सरकार, कृष्णा राय, पाहुल साहू, श्यामली विश्वास, पाहुल सरकार, भुवेश्वरी, सिमता, तापसी, सरस्वती और सबिता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं बच्चे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को स्वयं तथा अपने बच्चों को स्वस्थ एवं सुपोषित रखने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के नियमित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही पोषण, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को लेकर ग्रामीण महिलाओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
