*कांकेर में पत्रकार को जान से मारने की धमकी,
घर के आंगन में मिला धमकी भरा पर्चा, थाने में दर्ज हुई शिकायत!!*

*कांकेर में पत्रकार को जान से मारने की धमकी, घर के आंगन में मिला धमकी भरा पर्चा, थाने में दर्ज हुई शिकायत!!*
गोविंद साहू(संवाददाता)
कांकेर : उत्तर बस्तर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में पत्रकार अभिषेक ठाकुर को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है. अज्ञात व्यक्ति ने पत्रकार के घर के आंगन में लाल स्याही से कंप्यूटरीकृत शब्दों में लिखा धमकी भरा पत्र फेंका. पत्र में पत्रकारिता बंद नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी गई है. घटना के बाद पत्रकार और उनका परिवार भयभीत है. मामले को लेकर पत्रकार संघ भानुप्रतापपुर ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है.जानकारी के मुताबिक 15 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे से 16 अक्टूबर की सुबह 5 बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति ने पत्रकार अभिषेक सिंह ठाकुर के घर के आंगन में धमकी भरा पत्र फेंका. पत्र में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए पत्रकारिता बंद करने की चेतावनी दी गई है. ऐसा नहीं करने पर जान से मारने और पहचान तक नहीं हो पाने जैसी धमकी दी गई है.पत्रकार संघ ने घटना की निंदा की पत्रकार ने थाने में दी शिकायतपीड़ित पत्रकार ने थाना भानुप्रतापपुर में लिखित आवेदन देकर मामले की शिकायत की है. उन्होंने बताया कि वह अपने समाचार ग्रुप में निर्भीक होकर समाचार प्रकाशित करते हैं. इसी वजह से उन्हें निशाना बनाए जाने की आशंका है. घटना के बाद से उन्हें और उनके परिवार को अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है। उन्होंने भविष्य में जान का खतरा होने की आशंका भी जताई है.घर के आंगन में मिला धमकी भरा पर्चापत्रकार संघ ने जताई चिंता, कार्रवाई की मांगपत्रकार को धमकी दिए जाने की घटना पर पत्रकार संघ भानुप्रतापपुर ने चिंता जताई है. संघ ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की गंभीरता से जांच करने, धमकी भरा पत्र भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.इस मामले में पत्रकार संघ का कहना है कि इस तरह की घटनाएं स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता के लिए चिंताजनक हैं. पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मामले में त्वरित कार्रवाई जरूरी है.वहीं भानुप्रतापपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.अब धमकी भरे पत्र के पीछे किसका हाथ है, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा.
