नाबालिग समेत 5 आरोपियों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, पुलिस ने चंद घंटों में किया गिरफ्तार

- नाबालिग समेत 5 आरोपियों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, पुलिस ने चंद घंटों में किया गिरफ्तार
कोण्डागांव, 6 मार्च। जिले के ईरागांव थाना क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के कुछ ही घंटों के भीतर दो आरोपियों और तीन विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 5 मार्च 2026 को पीड़िता अपने परिजनों के साथ थाना ईरागांव पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि 5 मार्च की दोपहर करीब 3 बजे वह अपनी मां के साथ घर पर थी। उसी दौरान उसके परिचित ग्राम बिन्झे के पांच युवक – कमलेश मंडावी और संतोष मंडावी सहित तीन विधि से संघर्षरत बालक रंग-गुलाल लगाने के बहाने घर पहुंचे।
आरोप है कि आरोपियों ने पीड़िता की मां को गांव में शराब लेने के बहाने बस्ती की ओर भेज दिया। मां के जाने के बाद पीड़िता को अकेला पाकर आरोपियों ने उसे जबरन पकड़कर घर के कमरे में ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया।
इसी दौरान जब पीड़िता की मां वापस घर लौटी तो दरवाजे के पास खड़ा एक बालक उसे आते देख चिल्लाते हुए भाग गया। जब मां दरवाजे के पास पहुंची तो कमरे से कमलेश मंडावी, संतोष मंडावी और अन्य तीन बालक दरवाजा खोलकर भागने लगे। पीड़िता की मां ने कमलेश मंडावी और संतोष मंडावी को पकड़कर डंडे से मारपीट भी की, लेकिन वे मौके से फरार हो गए।
घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) केशकाल अरुण कुमार नेताम के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ईरागांव कोमल राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने तत्काल आरोपियों के गांव में दबिश देकर घेराबंदी की और आरोपी कमलेश मंडावी, संतोष मंडावी तथा तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में सभी ने अपराध करना स्वीकार कर लिया है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की है, वहीं तीनों विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी ईरागांव निरीक्षक कोमल राठौर, थाना प्रभारी धनोरा भुनेश्वर नाग, सहायक उप निरीक्षक विनोद चंदेल, अनिता मेश्राम, विष्णु नरेटी सहित पुलिस टीम के अन्य जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



