द्वय आचार्यो का हुवा मंगल प्रवेश सभी समाजजनों ने अपने अपने घरों पर पाद प्रक्षालन कर अगवानी की।

रिपोर्ट सुधीर बैसवार
सनावद/ संयम तप साधना के लिए जाने वाले अनेक साधुओं की नगरी सनावद में द्वय आचार्यो का मंगल प्रवेश हुआ। सन्मति जैन काका ने बताया की अनेक संतो की नगरी में साधु परमेष्टि का आना जाना निरंतर जारी है इसी क्रम में द्वय आचार्य प पूज्य आचार्य श्री कुमुद नंदी महाराज एवं प पूज्य आचार्य विप्रणत सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश बेड़ियां की ओर से हुआ। नगर में विराजमान आर्यिका आगम मति माताजी के साथ सभी समाजजनों ने चौधरी फ्यूल्स खरगौन रोड पर पधार कर आचार्य महाराज जी की आगवानी की ।आचार्य महाराज ने नगरों के जिन मंदिरों के दर्शन कर श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर पहुंचे जहां आचार्य श्री विप्रणत सागर जी महाराज ने श्री जी का पंचामृत अभिषेक एवं मंगल शांतिधारा संपन करवाई। तत्पश्चात आचार्य श्री ने मंदिर के हॉल आचार्य श्री की मंगल देशना संपन्न हुई सभा का शुभारंभ संगीता पाटोदी मंगलाचरण से हुई तत्पश्चात आचार्य श्री ने अपनी देशना में कहा की कला जिसके अंतरंग में जाग जाया करती है वह संसार के विषय सुखों से परामूर्त हुवा करता है। जब तक ज्ञान नहीं हे जब तक प्रचंड मोहका साम्राज्य हुवा करता हे ओर जब ज्ञान हों जाया करता हे तो मोह का सूर्य अस्ताचल की और चला जाया करता है। इसी क्रम आज की आचार्य विप्रणत सागर जी महाराज को आहारदान देने का सोभाग्य सावित्री बाई कैलाशचंद जटाले परिवार को प्राप्त हुआ। शाम को आचार्य श्री के द्वारा तत्व चर्चा धर्मिक क्लास एवं आरती भक्ति सभी समाजनों की उपस्थिति में हुवे इस अवसर पर सभी समाजजन उपस्थित थे।

