दी रिचमंड फेलोशिप सोसाइटी का कार्य बहुत सराहनीय: डॉ. राजेश्वर सिंह
21वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य एवं युवा विषयक कार्यशाला का हुआ आयोजन
अमित चावला /लखनऊ.
लखनऊ. दी रिचमंड फैलोशिप सोसाइटी( इंडिया) की लखनऊ शाखा द्वारा अपने 21वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य ,संबंधों में द्वंद एवं युवा विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भवन में आज किया गया. जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सरोजिनी नगर विधायक डॉ राजेश्वर सिंह उपस्थित रहे .डॉ.दिनेश दुआ मनोचिकित्सक लखीमपुर खीरी विशिष्ट अतिथि थे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए डॉ.राजेश्वर सिंह ने संस्था द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यों को सराहा।उन्होंने कक्षा 10 एवं कक्षा 12 के पाठ्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य को शामिल किए जाने की जरूरत बताई। उन्होंने संस्था द्वारा संचालित होने वाले नवोदय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में लिफ्ट लगाए जाने के लिए 10 लाख रुपए का अनुदान भी संस्था को दिया।
कार्यक्रम में डॉ. विवेक अग्रवाल ,विभागाध्यक्ष मानसिक रोग विभाग, केजीएमयू ,लखनऊ एवं डॉ. नेहाश्री श्रीवास्तव एसोसिएट प्रोफेसर ,नेशनल पीजी कॉलेज ,लखनऊ ने अपने विचार प्रकट व्यक्त किया।
वक्ताओं ने कहा कि जीवन में अनेक प्रकार के संबंधों से हमारा परिचय होता है .कुछ अस्थाई और कुछ दीर्घकालिक होते हैं वैज्ञानिक रूप से यह स्पष्ट है कि संबंधों का हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है बच्चों की परवरिश जिस प्रकार से होती है उसका प्रभाव युवा पर होता है जिन बच्चों और युवा के माता-पिता कड़ाई से परवरिश करते हैं, जहां बच्चों के नजरिए और भविष्य को नजर अंदाज कर दिया जाता है वहां उन बच्चों में अक्सर मानसिक रोग के लक्षण दिखते हैं. युवा को मानसिक स्वास्थ्य और संबंधों के परिप्रेक्ष्य में समझना आज बहुत महत्वपूर्ण हो गया है।
कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष डॉ. प्रभात सिथोले ने सबका स्वागत किया .सचिव डॉ.शशि राय ने वार्षिक रिपोर्ट पेश की. उन्होंने बताया कि रिचमंड फैलोशिप समिति इंडिया लखनऊ शाखा की स्थापना मार्च 2005 में 12 संस्थापक सदस्यों द्वारा डॉ. ए.के. अग्रवाल के नेतृत्व में हुई थी .वर्तमान में हमारे सदस्य संख्या बढ़कर 172 हो गई है।
डॉ शशि राय ने जानकारी दी कि हमारी संस्था का उद्देश्य मानसिक रोग से पीड़ित व्यक्तियों एवं उनके परिवारों की पीड़ा को कम करना तथा उनके पुनर्वास एवं परिवार व समाज में उनके पुनर्वास तथा समाज में समावेशन में उनकी सहायता करना है. वर्तमान में हमारा केंद्र नवोदय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान विराज खंड 5 ,गोमती नगर में चल रहा है . जो की ‘नो प्रॉफिट नो लॉस’ के आधार पर चलता है और मध्य भारत में अपने प्रकार का एक अनूठा संस्थान है.
मनोरोग कल्याण समिति के उपाध्यक्ष डॉ एल .के. माहेश्वरी ने संस्थान के बारे में प्रकाश डाला .इस अवसर पर एक स्मारिका का विमोचन भी हुआ .नव उदय परिवार के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए. मंच संचालन डॉ.नीता सक्सेना ने किया. डॉ. मधुरिमा प्रधान द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया।

