डिप्टी सीएमओ डॉक्टर अंशुमान तिवारी ने हीट वेव से बचाव के बताए सभी जरूरी उपाय

ब्यूरो चीफ आयुष त्रिपाठी
दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच धूप में न निकलें- डॉ अंशुमान तिवारी
झांसी। तेज गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को जनमानस के लिए बचाव संबंधी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। डिप्टी सीएमओ डॉक्टर अंशुमान तिवारी ने कहा कि जरा सी असावधानी आपको खतरे में डाल सकती है और थोड़ी सी सावधानी बरतकर लू से बचा जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे हीट स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानें और समय रहते उचित कदम उठाएं। हीट स्ट्रोक के लक्षणों में तेज बुखार,शुष्क त्वचा,पसीना आना बंद होना, कन्फ्यूजन,तेज नाड़ी (पल्स), बेहोशी तथा गंभीर स्थिति में कोमा शामिल हैं। डॉक्टर अंशुमान तिवारी ने कहा यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही न बरतें, तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल करें और मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराएं। भीषण गर्मी में उच्च जोखिम वाले समूह जैसे गर्भवती महिलाएं,छोटे बच्चे,वृद्धजन,खुले में कार्य करने वाले श्रमिक एवं किसान, गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति,निराश्रित एवं दिव्यांगजन को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। डॉक्टर अंशुमान तिवारी ने कहा यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही न बरतें, तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल करें और मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराएं। भीषण गर्मी में उच्च जोखिम वाले समूह जैसे गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, वृद्धजन, खुले में कार्य करने वाले श्रमिक एवं किसान, गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, निराश्रित एवं दिव्यांगजन को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
हीट वेव से बचाव के लिए यह करें
– धूप से बचने के लिए हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें
– खाली पेट घर से बाहर न निकलें।
– सफर में अपने साथ पानी अवश्य रखें।
– प्यास न लगने पर भी नियमित पानी पीते रहें।
– शरीर अधिक गरम लगने पर स्नान करें।
– ठंडक देने वाले खाद्य एवं पेय पदार्थों का सेवन करें।
– ओआरएस,नींबू पानी, लस्सी, छाछ आदि का सेवन करें।
– घर में सीधी धूप एवं गर्म हवा को रोकने की व्यवस्था करें, कमरे को ठंडा रखें।
– अधिक परिश्रम के बीच-बीच में आराम करें।
क्या न करें
– अधिक धूप में बाहर न जाएं।
– शराब,चाय, काफी एवं कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का सेवन न करें।
– सूखी पत्तियों को न जलाएं।
– बच्चों एवं पालतू जानवरों को धूप या बंद वाहन में अकेला न छोड़ें।
– दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में जाने से बचें।
– अधिक तली-भुनी एवं उच्च प्रोटीनयुक्त खाद्य सामग्री का सेवन न करें।
– अत्यधिक गर्मी में श्रमसाध्य कार्य करने से बचें।




