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राजनंदगांव में जानलेवा बन रहे यहाँ-वहाँ लटकते तार:

जियो फाइबर की चपेट में आने से आरक्षक गंभीर रूप से घायल

क्राइम रिपोर्टर संगीता सिंह (राजनांदगांव)

राजनंदगांव में जानलेवा बन रहे यहाँ-वहाँ लटकते तार: जियो फाइबर की चपेट में आने से आरक्षक गंभीर रूप से घायल

राजनंदगांव। शहर की सड़कों और गलियों में निजी कंपनियों द्वारा बेतरतीब ढंग से फैलाए गए केबल और फाइबर तार अब आम जनता के लिए काल साबित होने लगे हैं। ताजा मामला शहर के हृदय स्थल से सामने आया है, जहाँ जियो फाइबर (Jio Fiber) के लटकते तार की चपेट में आने से ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस हादसे ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और निजी कंपनियों की लापरवाही पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

कैसे हुआ हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, आरक्षक राजकुमार बंजारे अपने दोपहिया वाहन से जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर बेहद नीचे तक लटक रहे जियो फाइबर के तार अचानक उनके गले और शरीर में फंस गए। तार का झटका इतना जबरदस्त था कि आरक्षक बाइक समेत सड़क पर दूर तक घिसटते चले गए।

इस हादसे में आरक्षक राजकुमार बंजारे को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

सड़कों पर पसरा ‘मौत का जाल’

यह कोई पहली घटना नहीं है जब शहर में इन तारों की वजह से कोई दुर्घटना हुई हो। जियो फाइबर सहित विभिन्न टेलीकॉम और केबल कंपनियों ने पूरे राजनंदगांव शहर को तारों के जाल से ढक दिया है।

नियमों की धज्जियां: खंभों पर बेतरतीब ढंग से लिपटे तार, सड़कों पर नीचे तक लटकते बंडल और जर्जर हो चुके केबल सीधे तौर पर राहगीरों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।

प्रशासन की चुप्पी: नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे कंपनियां बिना किसी सुरक्षा मानकों के तार बिछा रही हैं, लेकिन हादसों के बाद भी इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

जनता में भारी आक्रोश, कार्रवाई की मांग

आरक्षक के साथ हुए इस हादसे के बाद शहरवासियों में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि:

“अगर सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मी ही शहर की सड़कों पर सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता और छोटे बच्चों का क्या होगा? इन कंपनियों पर आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए।”

मुख्य सवाल जो प्रशासन से पूछे जाने जरूरी हैं:

बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के शहर में तार लटकाने वाली कंपनियों पर अब तक जुर्माना या एफआईआर (FIR) क्यों नहीं हुई?

क्या प्रशासन किसी बड़े और जानलेवा हादसे का इंतजार कर रहा है?

शहर के इन ‘डेथ ट्रैप’ (मौत के जाल) को हटाने के लिए नगर निगम कब अभियान चलाएगा?

घायल आरक्षक राजकुमार बंजारे के सहकर्मियों और शहर की जनता ने मांग की है कि दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पूरे शहर से इन खतरनाक लटकते तारों को तुरंत हटवाया जाए।

शेखर ठाकुर

शेखर ठाकुर वर्तमान में भारत संवाद न्यूज़ चैनल और दैनिक संवाद अपडेट समाचार पत्र में छत्तीसगढ़ स्टेट हेड के रूप कार्यभार संभाल रहे हैं। पत्रकारिता के प्रति अपने समर्पण और स्थानीय मुद्दों पर गहरी पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले शेखर, छत्तीसगढ़ की हर छोटी-बड़ी खबर को प्रमाणिकता के साथ जनता और प्रशासन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

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