स्कूल खुले, बच्चों की जान से खिलवाड़ जारी: एक ऑटो में ठूंसे 14 बच्चे, सुरक्षा के नाम पर सिर्फ रस्सी का सहारा*!!
राजनांदगांव स्कूल शुरू हो गए हैं लेकिन बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही का आलम जस का तस है। शहर में एक ऑटो में 14-14 बच्चों को ठूंसकर स्कूल भेजा जा रहा है। पीछे वाली सीट पर 5 बच्चे बिठाए गए हैं और गिरने से बचाने के लिए सिर्फ एक रस्सी बांध दी गई है।

*स्कूल खुले, बच्चों की जान से खिलवाड़ जारी: एक ऑटो में ठूंसे 14 बच्चे, सुरक्षा के नाम पर सिर्फ रस्सी का सहारा*!!
अभिषेक दुबे, जिला ब्यूरो चीफ
राजनांदगांव स्कूल शुरू हो गए हैं लेकिन बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही का आलम जस का तस है। शहर में एक ऑटो में 14-14 बच्चों को ठूंसकर स्कूल भेजा जा रहा है। पीछे वाली सीट पर 5 बच्चे बिठाए गए हैं और गिरने से बचाने के लिए सिर्फ एक रस्सी बांध दी गई है।
*जरा सी चूक में हो सकता है बड़ा हादसा*
सड़क पर तेज ब्रेकर या अचानक ब्रेक लगाने पर बच्चे सीधे सड़क पर गिर सकते हैं। न हेलमेट, न ग्रिल, न सीट बेल्ट। अभिभावक और ऑटो चालक दोनों की लापरवाही साफ दिख रही है। ऑटो चालक ज्यादा कमाई के चक्कर में नियम तोड़ रहे हैं तो माता-पिता भी आंख मूंदकर बच्चों को भेज रहे हैं।
*देश का भविष्य खतरे में*
यही बच्चे कल डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक बनकर देश का भविष्य संवारेंगे। लेकिन आज उनकी जान जोखिम में डालकर स्कूल भेजा जा रहा है।
आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस की सख्ती सिर्फ कागजों में दिखती है। शहर में रोज ऐसे दर्जनों ऑटो सड़कों पर दौड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल वाहनों की सघन जांच हो और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। अभिभावकों से भी अपील है कि थोड़े से पैसे बचाने के चक्कर में बच्चों की जान दांव पर न लगाएं।



