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जमीनी पकड़ मजबूत करने के दावों के बीच रिसोर्ट में कांग्रेस का संगठन प्रशिक्षण संगठन सृजन अभियान के नाम पर सूर्यगढ़ रिसोर्ट में दो दिवसीय शिविर, बूथ स्तर सशक्तिकरण के बड़े दावे

 

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कांटाफोड़ – कांग्रेस द्वारा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जमीनी पकड़ दोबारा हासिल करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “संगठन सृजन अभियान” के तहत देवास जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों के ब्लॉक अध्यक्षों, मंडलम अध्यक्षों एवं नगर अध्यक्षों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर ग्राम अगरोद स्थित सूर्यगढ़ रिसोर्ट में आयोजित किया गया। आयोजन स्थल और उसके स्वरूप को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा और हल्की-फुल्की चुटकियों का दौर भी साथ-साथ चलता रहा।
शिविर का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष मनीष चौधरी एवं शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम ने किया। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, प्रदेश संगठन महासचिव संजय कामले, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह, पूर्व विधायक कैलाश कुंडल तथा प्रशिक्षण प्रभारी महेंद्र जोशी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने संगठन विस्तार, बूथ मैनेजमेंट, फील्ड एक्टिविज्म और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर कार्यकर्ताओं को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
हालांकि, आयोजन के स्थान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा थमी नहीं। एक तरफ मंच से “गांव-गांव तक संगठन मजबूत करने” की बात गूंजती रही, तो दूसरी तरफ शिविर का रिसोर्ट आधारित स्वरूप लोगों के बीच सवालों और व्यंग्य का विषय भी बन गया। चर्चा यह भी रही कि बूथ की बारीकियां समझाने के लिए कार्यकर्ताओं को पहले आरामदायक और आधुनिक सुविधाओं से युक्त माहौल में बैठाकर प्रशिक्षण देना कितना व्यावहारिक साबित होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन निर्माण की प्रक्रिया में प्रशिक्षण और रणनीति दोनों जरूरी हैं, लेकिन असली कसौटी किसी हॉल या रिसोर्ट में नहीं बल्कि गांव की चौपाल, वार्ड की गलियों और बूथ स्तर पर जनता के बीच खरा उतरना होता है। संगठन की असली ताकत वहीं पर परखी जाती है जहां वोटर सीधे संवाद में होते हैं।
अब देखना यह होगा कि “संगठन सृजन अभियान” सिर्फ बैठकों, भाषणों और प्रशिक्षण शिविरों तक सीमित रहता है या वास्तव में जमीन पर उतरकर कांग्रेस को वह “जमीनी पकड़” दिला पाता है जिसका दावा लगातार किया जा रहा है।

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