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यूपी

अब सरकारी अस्पतालों के होंगे रात्रिकालीन औचक निरीक्षण 

देर रात अपर निदेशक स्वास्थ्य ने किया जिला चिकित्सालय का निरीक्षण

ब्यूरो चीफ आयुष त्रिपाठी 

मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करने की दिशा में एक और कदम

झाँसी। अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, झांसी मंडल डॉ. आर.के. सोनी ने मंडलीय परियोजना प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन आनंद चौबे के साथ जिला चिकित्सालय झांसी का रात्रिकालीन औचक निरीक्षण कर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ आर. के. सक्सेना उपस्थित थे। निरीक्षण में अस्पताल की अधिकांश मूलभूत व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। अस्पताल का स्टेमी कक्ष पूर्णतः क्रियाशील मिला तथा हृदय रोगियों को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप उपचार उपलब्ध कराया जा रहा था। इमरजेंसी में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति, ड्यूटी रोस्टर का अनुपालन तथा अस्पताल परिसर एवं आपातकालीन कक्ष की साफ-सफाई भी संतोषजनक पाई गई। ईसीजी जांच, आईसीयू एवं वेंटिलेटर सेवाएं भी सुचारु रूप से संचालित होती मिलीं। अचानक देर रात बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी में ब्लड शुगर की जांच होने की पुष्टि हुई परंतु अन्य पैथोलॉजी जांचों की तत्काल उपलब्धता को और सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता बताई गई। अपर निदेशक ने इस पर निर्देश दिए गए कि गंभीर मरीजों के उपचार में विलंब न हो, इसके लिए आवश्यक पैथोलॉजी जांचों की उपलब्धता चौबीस घंटे सुनिश्चित की जाए। अपर निदेशक ने इमरजेंसी कक्ष में अतिरिक्त एयर कंडीशनर स्थापित कराने, अस्पताल के प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों को अद्यतन कर प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने तथा हृदयाघात के संदिग्ध मरीजों के लिए ट्रोपोनिन-आई जांच किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही एक्स-रे, सीटी स्कैन एवं अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए प्रशिक्षित कार्मिकों का स्पष्ट ड्यूटी रोस्टर प्रदर्शित करने पर भी बल दिया गया। निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देशित किया गया कि पिछले तीन माह में हृदय रोग से संबंधित गंभीर मरीजों के सफल उपचार के मामलों का संकलन कर उन्हें “सक्सेस स्टोरी” के रूप में प्रलेखित किया जाए, जिससे अस्पताल की उपलब्धियों का प्रभावी दस्तावेजीकरण हो सके। इसके अतिरिक्त इमरजेंसी के बाहर पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर, व्हीलचेयर एवं ऑक्सीजन सिलेंडर सदैव उपलब्ध रखने तथा एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस को इमरजेंसी के समीप तैनात रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि गोल्डन ऑवर के दौरान मरीजों को त्वरित उपचार एवं रेफरल सुविधा सुनिश्चित हो सके। निरीक्षण के उपरांत अपर निदेशक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, त्वरित जांच सुविधाओं तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता को समयबद्ध ढंग से और अधिक सुदृढ़ किया जाए, जिससे मरीजों को बेहतर, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

आयुष त्रिपाठी

ब्यूरो चीफ झांसी

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