*चार साल से जर्जर भवन में पढ़ रहे मासूम,
शिकायत के बावजूद नहीं हुई मरम्मत*
*संवाददाता संगीता सिंह राजनांदगांव*

*चार साल से जर्जर भवन में पढ़ रहे मासूम, शिकायत के बावजूद नहीं हुई मरम्मत*
खैरागढ़। सरकार नए शैक्षणिक सत्र से पहले जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन खैरागढ़ जिला मुख्यालय स्थित शासकीय प्राथमिक शाला क्रमांक-01, तुरकारीपारा की स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। खैरागढ़ ब्लॉक का यह एकमात्र सीबीएसई पैटर्न स्कूल पिछले चार वर्षों से जर्जर भवन में संचालित हो रहा है।
बारिश के दौरान स्कूल की छत टपकती है, जिससे बच्चों की किताबें भीग जाती हैं। दीवारों में गहरी दरारें हैं और प्लास्टर उखड़कर गिर रहा है, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। विद्यालय की प्रधानपाठिका का कहना है कि उन्होंने पिछले करीब दो वर्षों से विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को कई बार पत्र लिखकर भवन की मरम्मत की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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मध्याह्न भोजन कक्ष की हालत भी बदहाल है। छत और दीवारों की दरारों से बारिश का पानी अंदर गिरता है, जिससे भोजन बनाने में परेशानी होती है। अभिभावकों ने भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी मुकुल साव का कहना है कि उन्हें इस स्कूल के जर्जर भवन संबंधी कोई शिकायत नहीं मिली। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि प्रधानपाठिका लगातार शिकायत कर रही थीं, तो वह विभाग तक पहुंची क्यों नहीं और आखिर बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
