Welcome to Bharat Samvad TV   Click to listen highlighted text! Welcome to Bharat Samvad TV
E-Paperhttps://bharatsamvadtv.com/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifछत्तीसगढ़टॉप न्यूज़देशमध्य प्रदेशराजनीतिराज्यलोकल न्यूज़

लाखों खर्च के दो महीने बाद ही धसी नई सड़क, कमला कॉलेज-कोरिन भाटा मार्ग पर बढ़ा हादसों का खतरा

निगम आयुक्त जीआर मरकाम ने दिए जांच के आदेश, कहा—लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

लाखों खर्च के दो महीने बाद ही धसी नई सड़क, कमला कॉलेज-कोरिन भाटा मार्ग पर बढ़ा हादसों का खतरा

निगम आयुक्त जीआर मरकाम ने दिए जांच के आदेश, कहा—लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

संवाददाता संगीता सिंह राजनांदगांव 

विशेष रिपोर्ट

सरकारी दावों और गुणवत्ता की पोल खोलती एक तस्वीर कमला कॉलेज के बगल से कोरिन भाटा जाने वाली मुख्य सड़क पर देखने को मिल रही है। महज दो महीने पहले जून में लाखों रुपए की लागत से बनकर तैयार हुई सड़क अगस्त की शुरुआती बारिश में ही जगह-जगह से धंस गई है। डामर की परतें पूरी तरह उखड़ चुकी हैं और इंटरलॉकिंग ब्लॉक्स भी अस्त-व्यस्त पड़े हैं। मरम्मत न होने के कारण यह मार्ग अब राहगीरों और विद्यार्थियों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।

गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

लाखों रुपए का बजट ठिकाने लगाने के बाद भी सड़क की यह दुर्दशा निर्माण कार्य की गुणवत्ता और ठेकेदार की नीयत पर सीधे सवाल खड़े करती है। कॉलेज पास होने के कारण इस मार्ग पर दिनभर छात्र-छात्राओं और स्थानीय निवासियों की भारी आवाजाही रहती है। सड़क धंसने से आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के वक्त ही घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था, जिसकी परिणति पहली ही बारिश में सामने आ गई।

प्रशासनिक बयान

“सड़क यदि धसी है तो इसकी गहन जांच करवाई जाएगी। मैं खुद इस पूरे मामले को देखता हूं। निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

— जीआर मरकाम, निगम आयुक्त

प्रमुख समस्याएं और जमीनी स्थिति

डामर की परत गायब: जून में बिछाई गई डामर की कोटिंग पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं।

इंटरलॉकिंग की अनदेखी: धंस चुके हिस्सों और उखड़े हुए इंटरलॉकिंग ब्लॉक्स की सुध लेने अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा है।

हादसों का न्योता: बारिश का पानी गड्ढों में भरने से गहराई का अंदाजा नहीं होता, जिससे खासकर रात के वक्त जान-माल का जोखिम बना रहता है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जांच का इंतजार किए बिना तुरंत इसकी स्थाई मरम्मत कराई जाए और दोषी ठेकेदार व इंजीनियरों पर ब्लैकलिस्टिंग जैसी कड़ी कार्रवाई की जाए।

शेखर ठाकुर संपादक

शेखर ठाकुर वर्तमान में भारत संवाद न्यूज़ चैनल और दैनिक संवाद अपडेट समाचार पत्र में छत्तीसगढ़ संपादक के रूप कार्यभार संभाल रहे हैं। पत्रकारिता के प्रति अपने समर्पण और स्थानीय मुद्दों पर गहरी पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले शेखर, छत्तीसगढ़ की हर छोटी-बड़ी खबर को प्रमाणिकता के साथ जनता और प्रशासन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!