कालापीपल में खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल:
निरीक्षण नहीं,कार्यवाही नहीं-त्योहारों में मिलावट का खतरा बरकरार

✍️भारत संवाद ✍️
कालापीपल(बब्लू जायसवाल)त्योहारों का मौसम आते ही मिठाई, नमकीन और खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है,लेकिन कालापीपल नगर क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच और सैंपलिंग को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं,बाजार में खुले में बिक रही खाद्य सामग्री,मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर लोगों में चिंता है,
त्योहार आए,मिठाइयां सजी-अब विभाग की सक्रियता कब दिखेगी ?
कालापीपल में त्योहारों के दौरान मिठाई और खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है,ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है,लोगों का सवाल है कि क्या विभाग द्वारा होटल,मिठाई दुकानों, नमकीन विक्रेताओं और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है ? यदि जांच हो रही है तो कितने नमूने लिए गए और उनकी जांच का परिणाम क्या रहा ?
कागजों में कार्यवाही या बाजार में भी नजर आएगा असर ?स्थानीय लोगों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़ा मामला सीधे आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ा है,ऐसे में केवल शिकायत सामने आने के बाद कार्यवाही के बजाय त्योहारों से पहले ही विशेष जांच अभियान चलाया तो जाता है लेकिन लेकिन वहां सिर्फ एक फॉर्मेलिटी होती है,खासकर खुले में रखी खाद्य सामग्री,मिठाइयों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच जरूरी है,
*मिलावट की आशंका पर विभाग से सीधे सवाल*
लोगों की मांग है कि खाद्य सुरक्षा विभाग कालापीपल क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान चलाकर संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने ले और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे,यदि किसी प्रतिष्ठान में नियमों का उल्लंघन मिलता है तो नियमानुसार कार्यवाही भी होनी चाहिए,
अब सवाल यही है-त्योहारों में जब बाजार गुलजार है, तब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मैदान में कब उतरेगी ?




