कालापीपल विधानसभा का सबसे बड़ा नगर फिर भी *सीसीटीवी कैमरों से महरूम*
*ग्राम पंचायतों में लगे कैमरे,लेकिन कालापीपल नगर में सुरक्षा की "तीसरी आंख"पर सवाल*

✍️भारत संवाद ✍️
कालापीपल(बब्लू जायसवाल)कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख और बड़े नगरों में शामिल कालापीपल में सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीसीटीवी कैमरों का मुद्दा चर्चा में है,सुरक्षा की दृष्टि से छोटी-छोटी पंचायतों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं,लेकिन कालापीपल विधायक नगर परिषद अध्यक्ष,सांसद और भाजपा की डबल इंजन की सरकार है उसके बावजूद भी हर बार शांति समिति की मीटिंग में जन सहयोग से कैमरे लगाने की बात की जाती है,और मीटिंग होने के तुरंत बाद ही अधिकारी वरिष्ठ नागरिक इस मुद्दे को भूल जाते हैं।
वही कालापीपल विधानसभा क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख मार्गों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की पहल देखने को मिल रही है,वहीं दूसरी ओर कालापीपल नगर में व्यापक सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सीसीटीवी कैमरे आज अपराध की रोकथाम के साथ-साथ घटना होने के बाद जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं,बाजार प्रमुख चौराहे,प्रवेश-निकास मार्ग और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में कैमरों की मौजूदगी पुलिस के लिए भी मददगार साबित हो सकती है,देश के कई क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर तक कैमरे लगाने की योजनाएं लागू की गई हैं,ऐसे में सवाल यह है कि जब ग्राम पंचायतें सीसीटीवी निगरानी की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं,तो विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख नगर कालापीपल में ऐसी व्यवस्था को लेकर स्पष्ट कार्ययोजना क्यों नजर नहीं आती ?
*जनता का सीधा सवाल*
क्या कालापीपल के प्रमुख चौराहों और बाजार क्षेत्रों में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ?
क्या नगर में लगे कैमरों की संख्या और उनकी कार्यशील स्थिति सार्वजनिक की जाएगी ?
क्या पुलिस एवं नगर परिषद मिलकर एक प्रभावी निगरानी व्यवस्था तैयार करेंगे ?
अब जरूरत केवल कैमरे लगाने की नहीं,बल्कि कैमरों की नियमित निगरानी,रिकॉर्डिंग और रखरखाव की भी है,क्योंकि कई जगहों पर कैमरे लगने के बाद रखरखाव या कनेक्टिविटी के अभाव में उनके निष्क्रिय होने की खबरें सामने आती रही हैं।
कालापीपल की जनता का सवाल साफ है-जब गांवों में ‘तीसरी आंख’ पहुंच सकती है,तो कालापीपल नगर कब पूरी तरह सीसीटीवी निगरानी में आएगा ?




