
बलिया। जिलेभर में मनमाने तरीके से चलाए जा रहे मैरिज हॉल्स को लेकर प्रशासन अब सख्त हो गया है और जिले भर के मैरिज हॉल की जानकारी लेकर अवैध और गलत तरीके से चलाएं जा रहे हॉल पर कार्रवाई लगातार जारी है इसी कड़ी में नगर पंचायत चितबड़ागांव प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित मैरेज हॉलों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और बिना आवश्यक अनुमति के चल रहे आधा दर्जन मैरेज हॉलों को प्रशासन ने कड़ा नोटिस थमाया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जमा नहीं किए गए, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नियमों की अनदेखी पर प्रशासन सख्त:
यह कार्रवाई नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्या के निर्देशों पर की गई है। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में कई मैरेज हॉल बिना किसी अनुमति के धड़ल्ले से चल रहे हैं, जो सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। इन हॉलों में अग्निशमन दल (Fire Safety), विद्युत विभाग और नगर पंचायत से आवश्यक एनओसी प्राप्त नहीं की गई है, जिससे किसी भी अनहोनी की स्थिति में जान-माल का खतरा बना रहता है। इस संबंध में प्रशासन को लगातार शिकायतें भी मिल रही थीं।
इन मैरेज हॉलों को मिला नोटिस:
नगर पंचायत द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, यह छह मैरेज हॉल बिना किसी एनओसी के संचालित पाए गए हैं:
1. कलावती मैरेज हॉल: वार्ड नं० चार, महेन्द्र रोड
2. आशा मैरेज हॉल: वार्ड नं० दो, सुभाष नगर
3. संगम मैरेज हॉल: वार्ड नं० छह, पटेल नगर
4. पुष्पांजलि मैरेज हॉल: वार्ड नं० छह, पटेल नगर
5. शहनाई मैरेज हॉल: वार्ड एक, राजेन्द्र नगर
6. मां चंद्रवती मैरेज हॉल: वार्ड चार, मालवीय नगर
30 दिन का समय, वरना सीलिंग की तलवार:
नगर पंचायत ने सभी छह मैरेज हॉल संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि वे नोटिस मिलने के 30 दिनों के भीतर सभी संबंधित विभागों से आवश्यक एनओसी प्राप्त कर लें। एनओसी की प्रति नगर पंचायत कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित 30 दिनों की समय सीमा के भीतर एनओसी जमा नहीं की जाती है, तो नगर पंचायत नियमों के तहत कड़ा रुख अपनाएगी। इसमें मैरेज हॉलों को सील करने और संचालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने जैसी सजाएं शामिल हो सकती हैं।
अधिशासी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्या ने बताया कि यह कार्रवाई आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। उन्होंने कहा, “बिना एनओसी के मैरेज हॉल का संचालन न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। हम किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सभी संचालकों को पर्याप्त समय दिया गया है, और यदि वे अनुपालन नहीं करते हैं, तो कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
इस कार्रवाई से नगर पंचायत चितबड़ागांव में अवैध रूप से चल रहे अन्य व्यवसायों में भी हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस पहल का स्थानीय निवासियों ने स्वागत किया है, क्योंकि यह क्षेत्र में सुरक्षा और नियमों के पालन को बढ़ावा देगा वहीं ऐसे कदम से आमजन में प्रशासन के द्वारा अपनी सुरक्षा की भावना भी बढ़ती है ।



