– शेखर ठाकुर, छत्तीसगढ़ स्टेट हेड*
*राजनांदगांव*
*शहीद एस.एस.बी. जवान के वृद्ध माता-पिता से 11 लाख की ठगी, साडू भाई गिरफ्तार, 24 घंटे में जेल दाखिल*
*राजनांदगांव।* सीमा सुरक्षा बल के शहीद जवान के वृद्ध माता-पिता को अधिकारियों को पैसा देने का झांसा देकर 11 लाख रुपये की ठगी करने वाले साडू भाई को बसंतपुर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 लाख रुपये नगद भी बरामद किया है।
*कैसे हुई ठगी?*
प्रार्थी ने थाना बसंतपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका पुत्र वरुण कुमार साहू (32) एस.एस.बी. में जवान था और जम्मू-कश्मीर में तैनात था। 12 सितंबर 2025 को अवकाश के दौरान ग्राम कोकपुर बरैठटोला के पास सड़क दुर्घटना में उसकी मौत हो गई थी।
मृतक जवान की विभागीय सहायता राशि के रूप में प्रार्थी के खाते में 10 लाख रुपये और उनकी पत्नी के खाते में 19.25 लाख रुपये जमा हुए थे। इसी बीच मृतक का साडू भाई योगराज साहू वृद्ध दंपत्ति को विश्वास में लेकर उन्हें राजनांदगांव बैंक ले गया। वहां से उसने उनके खातों से कुल 15 लाख रुपये निकलवाए।
आरोपी ने वृद्ध माता-पिता को बताया कि एस.एस.बी. अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों को पैसा देना होगा। इस झांसे में लेकर उसने 11 लाख रुपये अपने पास रख लिए और केवल 4 लाख रुपये वापस किए।
*तकनीकी साक्ष्यों से दबोचा गया आरोपी*
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर व नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में टीम ने लगातार पतासाजी कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी। आरोपी लगातार ठिकाना बदल रहा था, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने योगराज साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध कबूल कर लिया।
*गिरफ्तार आरोपी:*
– योगराज साहू, पिता माधो राम साहू, उम्र 45 वर्ष
– निवासी: ग्राम बिटाल, थाना गैंदाटोला, हाल सृष्टि कॉलोनी, थाना बसंतपुर, जिला राजनांदगांव
आरोपी के पास से 1 लाख रुपये नगद जब्त कर उसे धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
*सराहनीय भूमिका*
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी एमन साहू, उप निरीक्षक देवा दास भारती, प्रधान आरक्षक दीपक जायसवाल, महिला प्रधान आरक्षक मेनका साहू, सीमा जैन, आरक्षक अतहर अली, जामिंद्र वर्मा और थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

