Welcome to Bharat Samvad TV   Click to listen highlighted text! Welcome to Bharat Samvad TV
Uncategorized

आईवीएफ विधि से जन्मे जुड़वा बच्चों को विवेकानंद अस्पताल में मिला जीवनदान

अमित चावला /लखनऊ.

 

विवेकानन्द पॉलीक्लिनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान में अत्यंत प्रीमेच्योर जुड़वा शिशुओं का सफल उपचार हमारी चिकित्सा टीम की निष्ठा, समर्पण और आधुनिक सुविधाओं का जीवंत उदाहरण है – स्वामी मुक्तिनाथानन्द

 

लखनऊ.विवेकानन्द पॉलीक्लिनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान में विगत 17 फरवरी को आईवीएफ विधि द्वारा जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ था। दोनों शिशु अत्यंत प्रीमेच्योर (28 सप्ताह) में जन्में, जिनका वजन क्रमशः 700 ग्राम एवं 900 ग्राम था।शिशुओं के माता पिता की (उम्र 44 एवं 45 वर्ष) जो लम्बे समय से निसंतानता की समस्या से जूझ रहे थे। उन्होंने विवेकानन्द अस्पताल में आई0वी0एफ0 विशेषज्ञ डा0 सीमा पाण्डे के मार्गदर्शन में उपचार एवं आई0वी0एफ0 तकनीक से सफलतापूर्वक गर्भधारण किया।

गर्भावस्था के 28वें सप्ताह में माँ को समय पूर्व प्रसव की स्थिति उत्पन्न होने पर उन्हें अस्पातल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डा0 सोनिका गौर द्वारा उनका सुरक्षित सामान्य प्रसव कराया गया। जन्म के तुरंत बाद दोनो नवजात शिशुओं को अस्पात के नवजात शिशु सघन चिकित्सा कक्ष (सी.सी.यू.) में भर्ती किया गया।

दोनों शिशुओ को सांस लेने में कठिनाई के कारण उन्हें वेन्टिलेटर सपोर्ट पर रखा गया तथा शिशुओ के फेफडे़ अविकसित होने के कारण उनके फेफड़ों में सरफेक्टटेन्ट डाला गया। एन.आई.सी.यू. के सघन चिकित्सा देखभाल से बच्चों में सुधार हुआ। दोनो शिशु ने निरन्तर उच्चस्तीरय देखभाल एवं निरंतर पोषण के माध्यम से दोनों शिशुओं के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

अस्पताल के नवजात शिशु विशेषज्ञ डा0 सचिन वर्मा के अनुसार वर्तमान में दोनों शिशु पूर्णत स्वस्थः है। दोनों शिशुओ को 60 दिनों तक एन.आई.सी.यू. में रखा गया और डिस्चार्ज के समय दोनों शिशुओ का वजन 2 किलोग्राम से अधिक था।

डा0 सचिन वर्मा ने बताया कि 28 सप्ताह में जन्में तथा 1000 ग्राम से कम वजन वाले शिशुओं में मृत्यु दर 50 प्रतिशत तक हो सकती है और उनके कई गम्भीर जटिलताओं की आशंका रहती है। ऐसे में इन शिशुओं का सफल उपचार एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

डा0 सचिन वर्मा एवं डा0 तरूणा विजयवर्गीय के मार्गदर्शन में दोनों शिशुओ को उत्कृष्ट चिकित्सा एवं देखभाल प्रदान की गई, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें स्वस्थ अवस्था में सफलतापूर्वक डिस्चार्ज किया गया।
डा. सचिन वर्मा ने संस्थान के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानंद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में इस अस्पताल में लेवल-3ए एनआईसीयू की उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जहाँ गंभीर से गंभीर नवजात शिशुओं का सफलतापूर्वक उपचार किया जाता है। उन्होंने आगे बताया कि संस्थान में डा. सीमा पाण्डेय एवं डा. सोनिका गौर द्वारा आईवीएफ तकनीक के माध्यम से निसंतान दम्पतियों को सफलतापूर्वक संतान सुख प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर संस्थान के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानन्द ने कहा कि विवेकानन्द पॉलीक्लिनिक एवं आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में 28 सप्ताह की अत्यंत प्रीमेच्योर अवस्था में जन्मे जुड़वा शिशुओं (वजन 700 ग्राम एवं 900 ग्राम) का सफल उपचार संस्थान की बड़ी उपलब्धि है। लंबे समय से निसंतानता से जूझ रहे दंपति ने आईवीएफ तकनीक से गर्भधारण किया था और समयपूर्व प्रसव की स्थिति में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में सामान्य प्रसव कराया गया। उन्होंने बताया कि (एन.आई.सी.यू.) में वेंटिलेटर सपोर्ट, सर्फैक्टेंट थेरेपी और निरंतर उच्चस्तरीय देखभाल के माध्यम से दोनों शिशुओं ने जीवन की कठिन चुनौतियों को पार किया और 60 दिनों के उपचार के बाद अब वे पूर्णतः स्वस्थ होकर 2 किलोग्राम से अधिक वजन के साथ डिस्चार्ज हुए हैं, जो चिकित्सा टीम की निष्ठा और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की सफलता का प्रेरणादायक उदाहरण है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!