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⚠️ बयान दर्ज… फिर भी ‘कोई शिकायत नहीं’? सलसलाई केस में खुला विरोधाभास
नोटिस जारी, गवाही रिकॉर्ड—फिर अधिकारी क्यों कर रहे इनकार?

इंदौर/शाजापुर/शुभम माहेश्वरी सलसलाई थाना प्रभारी जनक सिंह रावत के तीन संतान प्रकरण में अब मामला और उलझ गया है। दस्तावेज साफ बता रहे हैं—शिकायतकर्ता को एसडीओपी कार्यालय, शुजालपुर से नोटिस भेजा गया, वह पेश हुआ और उसका बयान विधिवत दर्ज भी किया गया। लेकिन चौंकाने वाली बात—अब अधिकारी कह रहे हैं, “कोई शिकायत ही नहीं आई!”
❓ सवाल सीधा है:
जब नोटिस जारी हुआ, बयान दर्ज हुआ… तो फिर ये इनकार क्यों?
मामला क्या है?
- 2010,2014, 2018—तीन बच्चे
- साफ तौर पर दो-संतान नियम का उल्लंघन
- फिर भी टीआई कुर्सी पर
अब अधिकारियों के बयान ही कटघरे में:
एसपी: “कोई शिकायत नहीं आई”
एसडीओपी: “मुझे जानकारी नहीं”
जांच अधिकारी: “ये मेरा मामला नहीं”
टीआई रावत: “तीन बच्चे से कोई दिक्कत नहीं”
सबसे बड़ा सवाल:क्या सच दबाया जा रहा है?
या विभाग खुद ही अपने रिकॉर्ड से भाग रहा है?
अगर बयान के बाद भी कार्रवाई नहीं—तो फिर कानून किसके लिए है?




