गुण्डाधुर महाविद्यालय में स्टार्टअप एवं उद्यमिता जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

अकरम कच्ची
जिला कोंडागांव
दिनांक 6/3/26
गुण्डाधुर महाविद्यालय में स्टार्टअप एवं उद्यमिता जागरूकता कार्यशाला का आयोजन
शासकीय गुंडाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोंडागांव में विद्यार्थियों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “स्टार्टअप एवं उद्यमिता जागरूकता कार्यशाला एवं कैरियर गाइडेंस काउंसलिंग सत्र” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरला आत्राम के निर्देशन में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC), अकादमिक उद्योग एकीकरण प्रकोष्ठ, कैरियर गाइडेंस काउंसलिंग समिति तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, जिला कोंडागांव के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला उद्योग अधिकारी श्री हिमालय सेठिया ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को उद्यमिता के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में केवल नौकरी की अपेक्षा करने के बजाय युवाओं को स्टार्टअप और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रबंधक श्रीमती कुसुमलता नेताम ने विद्यार्थियों को जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी किसी भी प्रकार का लघु उद्योग स्थापित करना चाहते हैं तो जिला उद्योग केंद्र उन्हें योजना चयन, परियोजना निर्माण, प्रशिक्षण तथा बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया में पूरा सहयोग प्रदान करता है।
सहायक प्रबंधक सुश्री नम्रता एल्मा ने अपने उद्बोधन में PMFME योजना के अंतर्गत मिलने वाली 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी (अधिकतम 10 लाख रुपये) की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े अनेक उद्योग जैसे अचार निर्माण, पापड़ निर्माण, मसाला उत्पादन, बेकरी, मिलिंग आदि छोटे उद्योग कम लागत में प्रारंभ किए जा सकते हैं और इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
कार्यक्रम में कैरियर गाइडेंस काउंसलिंग समिति के प्रभारी प्रो. नसीर अहमद ने विद्यार्थियों को प्रेरणादायी उद्बोधन देते हुए कहा कि आज के समय में युवाओं के पास अवसरों की कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही दिशा, नवाचार और आत्मविश्वास की है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कौशल और रुचि के अनुसार उद्यमिता की दिशा में कदम बढ़ाने तथा शासन की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर से शुरू किया गया प्रयास भी भविष्य में बड़े उद्यम का रूप ले सकता है।
कार्यक्रम का संचालन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. आकाश वासनीकर द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को उद्योग एवं रोजगार की वास्तविक संभावनाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से किए जाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत विभिन्न संभावित उद्योगों और उनसे मिलने वाले लाभों की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। साथ ही विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि वे किस प्रकार आवश्यक दस्तावेजों के माध्यम से इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. देवाशीष हालदार, प्राध्यापक लोचन सिंह वर्मा, हुमन राम यदु, पुरोहित सोरी, शोभाराम यादव, रूपा सोरी, विनय कुमार देवांगन, अतिथि व्याख्याता तथा महाविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया और विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।



