राजेश्वरी करुणा हाई स्कूल (पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्कूल) के बच्चों द्वारा मनाए गए ‘ग्रीन डे सेलिब्रेशन’*
नन्हे हाथों ने रोपे पौधे: राजेश्वरी करुणा हाई स्कूल के बच्चों ने मनाया 'ग्रीन डे', कला और वृक्षारोपण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
*संवाददाता संगीता सिंह राजनांदगांव*

*राजेश्वरी करुणा हाई स्कूल (पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्कूल) के बच्चों द्वारा मनाए गए ‘ग्रीन डे सेलिब्रेशन‘*

नन्हे हाथों ने रोपे पौधे: राजेश्वरी करुणा हाई स्कूल के बच्चों ने मनाया ‘ग्रीन डे’, कला और वृक्षारोपण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
स्थान: [राजनांदगांव]
दिनांक: 11 जुलाई, 2026

पर्यावरण संरक्षण और धरती को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ आज राजेश्वरी करुणा हाई स्कूल (पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्कूल) के छात्र-छात्राओं द्वारा ‘ग्रीन डे’ (Green Day) अत्यंत उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर स्कूली बच्चों ने न सिर्फ खुद हरे रंग के परिधानों में सजकर हरियाली का संदेश दिया, बल्कि समाज को जागरूक करने के लिए व्यावहारिक कदम भी उठाए।
मंदिर प्रांगण में वृक्षारोपण और हरियाली का संकल्प
‘ग्रीन डे’ उत्सव के तहत स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चे दीनदयाल स्थित प्रसिद्ध शिव शक्ति मंदिर पहुंचे। यहाँ बच्चों ने शिक्षकों के मार्गदर्शन में पूरे उत्साह के साथ वृक्षारोपण (Plantation) किया। बच्चों ने मिट्टी खोदी, पौधे लगाए और उन्हें पानी देकर उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी ली। इस दौरान बच्चों ने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को वृक्षों के महत्व के बारे में बताया और समझाया कि कैसे एक-एक पौधा मिलकर हमारे पर्यावरण को बचा सकता है।
आर्ट एंड क्राफ्ट के माध्यम से बिखेरे प्रकृति के रंग
केवल वृक्षारोपण ही नहीं, बल्कि बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और कला के दम पर भी पर्यावरण का संदेश दिया। स्कूल परिसर में आयोजित एक विशेष सत्र में छात्रों ने खूबसूरत आर्ट एंड क्राफ्ट के माध्यम से वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण पर आधारित कई मॉडल, पेंटिंग्स और हस्तशिल्प तैयार किए। इन कलाकृतियों के जरिए बच्चों ने बहुत ही सरल और प्रभावशाली ढंग से समझाया कि पेड़-पौधे हमारे जीवन के लिए क्यों अनिवार्य हैं।
“धरती को बचाना हमारा कर्तव्य”

स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने बच्चों के इस प्रयास की जमकर सराहना की। इस मौके पर शिक्षकों ने कहा:
“आज के इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है। जब बच्चे अपने हाथों से पौधा लगाते हैं, तो वे पर्यावरण की कीमत को बेहतर ढंग से समझते हैं।”
इस ‘ग्रीन डे सेलिब्रेशन’ ने स्थानीय लोगों का ध्यान भी खींचा और बच्चों के इस सराहनीय कदम की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है। बच्चों के चेहरे की मुस्कान और उनके द्वारा लगाए गए पौधे इस बात का प्रतीक हैं कि हमारा भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
