*45 करोड़ के नकली नोटों का झांसा, कारोबारी से 1.13 करोड़ की ठगी
जानिए कैसे शुरू हुआ सोशल मीडिया से पूरा खेल*
*क्राइम रिपोर्टर संगीता सिंह राजनांदगांव

*45 करोड़ के नकली नोटों का झांसा, कारोबारी से 1.13 करोड़ की ठगी, जानिए कैसे शुरू हुआ सोशल मीडिया से पूरा खेल*
रायपुर। राजधानी रायपुर में नकली नोटों के नाम पर करोड़ों रुपये की सनसनीखेज ठगी का मामला सामने आया है। यह पूरा घटनाक्रम किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म की कहानी जैसा लगता है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने एक कारोबारी को ऐसे जाल में फंसाया कि देखते ही देखते 1 करोड़ 13 लाख रुपये ठगों के हाथों में चले गए।
शिकायत के मुताबिक, प्राइवेट फर्म संचालक उमेश गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखा, जिसमें बड़ी मात्रा में नकली नोट उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा था। वीडियो में कम कीमत पर करोड़ों रुपये के नकली नोट देने का लालच दिखाया गया। इसी लालच में कारोबारी ने आरोपियों से संपर्क किया।
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इसके बाद रायपुर और महाराष्ट्र में कई दौर की गुप्त बैठकें हुईं। आरोपियों ने दावा किया कि उनके पास 45 करोड़ रुपये मूल्य के नकली नोट उपलब्ध हैं और सौदा तय होने के बाद इन्हें सौंप दिया जाएगा। भरोसा जीतने के लिए बार-बार मुलाकातें की गईं और आखिरकार कारोबारी से 1 करोड़ 13 लाख रुपये एडवांस ले लिए गए।
पैसे मिलते ही पूरा गैंग गायब हो गया। न नकली नोट मिले और न ही एडवांस की रकम वापस लौटी। खुद को ठगा हुआ महसूस करने के बाद कारोबारी ने तेलीबांधा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलीबांधा पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान, उनके नेटवर्क और महाराष्ट्र कनेक्शन की पड़ताल कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले ऐसे लालच भरे ऑफर गंभीर अपराध का हिस्सा हो सकते हैं। इस मामले में जांच जारी है और आने वाले दिनों में बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। किसी भी दावे या सौदे को अंतिम सत्य मानने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करना जरूरी है।


