दुःख की घड़ी में परिवार ने
दुःख की घड़ी में परिवार ने
लिया नेत्रदान का प्रेरणादायी निर्णय
न्यूज़ रिपोर्टर मोहित संघी
जबलपुर। नरघैया, भालदारपुरा निवासी एवं लॉटसाब परिवार की श्रीमती सुधा रानी जैन, धर्मपत्नी स्वर्गीय श्री नरेंद्र कुमार जैन का 17 अगस्त 2026 को दुःखद निधन हो गया। उनके निधन से परिवार में शोक की लहर है। इस अत्यंत पीड़ादायक घड़ी में भी परिवार ने नेत्रदान का निर्णय लेकर मानवता और सेवा की अनुकरणीय मिसाल पेश की।
नेत्र ज्योति मिशन बरेला की प्रेरणा से शोकाकुल परिवार ने श्रीमती सुधा रानी जी के नेत्रदान का संकल्प लिया। नेत्रदान की प्रक्रिया प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन स्थापक, डायरेक्टर दादा वीरेंद्र पुरी जी रोटरी आई बैंक, के मार्गदर्शन में देव जी नेत्रालय की टेक्निकल टीम द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न की गई।
परिवार के इस निर्णय से श्रीमती सुधा रानी जी के नेत्र जरूरतमंद दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में रोशनी लाने का माध्यम बनेंगे। उनका यह पुण्य कार्य न केवल उनकी स्मृति को सदैव जीवित रखेगा, बल्कि समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता का संदेश भी देगा।
नेत्र ज्योति मिशन बरेला ने शोकाकुल परिवार के इस साहसिक एवं मानवीय निर्णय के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने प्रियजन को खोने के दुःख के बीच नेत्रदान का निर्णय लेना मानवता की महान सेवा है।
नेत्रदान के लिए किया आह्वान
नेत्र ज्योति मिशन बरेला ने समाजजनों से अपील की कि मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प लेकर किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में प्रकाश लाने का पुण्य कार्य करें।
“आपकी आँखें बंद होंगी, लेकिन किसी और की दुनिया रोशन हो सकती है।”
नेत्रदान महादान — अंधकार से प्रकाश की ओर एक पहल।
