*राजनांदगांव-खैरागढ़ मार्ग: ग्राम बोरी में जर्जर सड़क बनी हादसों का सबब*
*प्रशासन और पंचायत की बेरुखी से ग्रामीणों में आक्रोश*

*राजनांदगांव-खैरागढ़ मार्ग: ग्राम बोरी में जर्जर सड़क बनी हादसों का सबब*
*प्रशासन और पंचायत की बेरुखी से ग्रामीणों में आक्रोश*
*संवाददाता संगीता सिंह राजनांदगांव
राजनांदगांव। राजनांदगांव से खैरागढ़ को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम बोरी में सड़क की बदहाली अब हादसों को खुला निमंत्रण दे रही है। इस प्रमुख मार्ग पर जगह-जगह बने गड्ढे और उखड़ी हुई डामर की परत के कारण प्रतिदिन आवागमन करने वाले राहगीरों पर दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क की दयनीय स्थिति पर न तो जिला प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों को इसकी चिंता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और पंचायत प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। जनप्रतिनिधियों की इस मनमानी और अनदेखी के कारण रोजाना हजारों चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दुर्घटनाओं का मुख्य केंद्र बनी सड़क
राजनांदगांव और खैरागढ़ के बीच दिन-रात वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। ग्राम बोरी के पास सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया वाहन चालक संतुलन बिगड़ने से आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बारिश के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे बड़े हादसों की आशंका और बढ़ जाती है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि कई बार शिकायत और ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। जिम्मेदार अधिकारियों का उदासीन रवैया और पंचायत स्तर पर इच्छाशक्ति की कमी यह दर्शाती है कि आम जनता की सुरक्षा उनके लिए प्राथमिकता नहीं है।
आक्रोशित ग्रामीणों और राहगीरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ग्राम बोरी में इस जर्जर सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे।

