यूपी

मिशन सेफ फ्यूचर के तहत स्कूली वाहनों की सघन जाँच, मानक पूरा न करने वाले वाहनों पर कार्रवाई

ब्यूरो चीफ आयुष त्रिपाठी

बिना फिटनेस व परमिट संचालित स्कूली वाहनों पर कसा शिकंजा

नाबालिगों के दोपहिया वाहन से स्कूल आने पर रोक, नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर होगी एफआईआर

झांसी। उत्तर प्रदेश शासन तथा जिलाधिकारी झांसी के निर्देशों के क्रम में “मिशन सेफ फ्यूचर” के अंतर्गत जनपद में संचालित समस्त स्कूली वाहनों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन एवं निरीक्षण कराया गया। इस दौरान अनफिट एवं सुरक्षा मानकों का अनुपालन न करने वाले स्कूली वाहनों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग, झांसी द्वारा विशेष टीम गठित कर जनपद के 161 विद्यालयों में संचालित 514 स्कूली वाहनों का संबंधित विद्यालयों में जाकर भौतिक सत्यापन/निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान 48 स्कूली वाहनों की मॉडल कंडीशन/आयु सीमा पूर्ण पाई गई। इनमें अधिकांश वाहन स्कूल प्रबंधन द्वारा स्क्रैप कराए जा चुके थे अथवा संचालन की स्थिति में नहीं थे। विद्यालय प्रबंधन द्वारा इन वाहनों के पंजीयन निलंबन/निरस्तीकरण हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए, जिसके आधार पर कार्यालय स्तर से इन समस्त वाहनों का पंजीयन निलंबित कर दिया गया। इसके अतिरिक्त 22 ऐसे वाहन, जिनकी फिटनेस अथवा परमिट की वैधता समाप्त थी तथा जो निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूर्ण नहीं करते थे, के संबंध में संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य/प्रबंधन को एक सप्ताह का समय देते हुए वाहन की फिटनेस, परमिट एवं निर्धारित मानकों को पूर्ण कराने हेतु नोटिस दिए गए। निर्धारित समयावधि के पश्चात पुनः वाहनों का भौतिक सत्यापन एवं सघन प्रवर्तन कार्रवाई की गई। प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान 13 वाहनों को विभिन्न थानों में निरुद्ध किया गया। वहीं विद्यालय प्रबंधन द्वारा 03 वाहनों को स्क्रैप कराकर उनका पंजीयन निरस्त करा दिया गया तथा 03 वाहनों के निर्धारित मानक पूर्ण कराकर वैध फिटनेस एवं परमिट प्राप्त कर लिए गए। दो विद्यालयों द्वारा लिखित रूप से अवगत कराया गया कि उनके वाहन प्रदेश से बाहर खड़े हैं तथा संचालन की स्थिति में नहीं हैं। इन वाहनों के पंजीयन निरस्तीकरण की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। एक वाहन मरम्मत हेतु वर्कशॉप/गैराज में खड़ा पाया गया। परिवहन विभाग द्वारा समस्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य/प्रबंधकों से अपील की गई है कि किसी भी दशा में 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को निजी दोपहिया वाहन से विद्यालय आने पर प्रवेश की अनुमति न दी जाए। यदि कोई विद्यार्थी 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद निजी दोपहिया वाहन से विद्यालय आता है तो उसके द्वारा हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाए। प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान छात्र-छात्राओं के परिवहन में प्रयुक्त निजी वाहन, ईको एवं मारुति वैन आदि के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। ऐसे 57 वाहनों को थानों में निरुद्ध किया गया तथा 78 वाहनों के चालान किए गए। निरुद्ध वाहनों को निर्धारित मानक पूर्ण करने तथा वैध परमिट प्राप्त करने के बाद ही अवमुक्त किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अब तक 18 वाहनों द्वारा निर्धारित मानक पूर्ण कराकर परमिट प्राप्त कर लिए गए हैं। मानक पूर्ण किए बिना वाहन संचालित करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

परिवहन विभाग द्वारा सभी विद्यालयों से अपील की गई है कि निर्धारित स्कूली वाहन मानकों को पूर्ण कराने के साथ-साथ परमिट, फिटनेस एवं अन्य आवश्यक प्रपत्रों को अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जाए। बिना वैध परमिट, फिटनेस एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों के किसी भी स्कूली वाहन का संचालन न किया जाए। भविष्य में यदि ऐसे वाहन संचालित पाए जाते हैं तो केंद्रीय मोटरयान अधिनियम/नियमों के तहत संबंधित वाहन के विरुद्ध निरुद्ध एवं चालान की कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित विद्यालय प्रशासन को भी जिम्मेदार मानते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक/जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबंधित विद्यालय की मान्यता आदि के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई हेतु अनुरोध किया जाएगा। परिवहन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रवर्तन कार्रवाई भविष्य में भी अनवरत रूप से जारी रहेगी।

आयुष त्रिपाठी

ब्यूरो चीफ झांसी

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