पर्यावरण दिवस: तपती राहों को मिलेगा छांव का मरहम
AMS INSTITUTE के प्रबंधक और बेल्थरा रोड GRP चौकी प्रभारी ने किया पौधारोपण

बलिया। भीषण गर्मी में जब सूरज आग उगल रहा हो और सिर छुपाने को तिनके भर की छांव न मिले, तो राहगीरों का दर्द वही समझ सकता है जिसके भीतर गहरी संवेदनशीलता हो। कुछ ऐसा ही इंसानियत का उदाहरण पेश किया एएमएस इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर अशोक कुमार ने। पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘वृक्षारोपण महायज्ञ 2026’ के अंतर्गत उन्होंने न केवल अपने संस्थान, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक बेहतरीन पहल की है।

कुछ ही समय पहले बनाए गए नवनिर्मित कुंडैल रेलवे क्रॉसिंग पर आने जाने के दौरान अक्सर लोगों को यहां देर तक रुकना पड़ता है। लेकिन यहाँ आस-पास दूर-दूर तक कोई छायादार स्थान या पेड़ न होने के कारण राह तकते राहगीर और मासूम बच्चे चिलचिलाती धूप में बेहाल हो रहे थे।


इसी लिये लोकहित को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने इस समस्या का स्थायी समाधान ढूंढ निकाला। अशोक कुमार ने रेलवे क्रॉसिंग के आसपास की खाली पड़ी भूमि पर काफी मात्रा में ऐसे पौधों का रोपण किया, जो आने वाले समय में राहगीरों के लिए ‘सघन छांव’ का काम करेंगे।
खाकी ने बढ़ाया सहयोग का हाथ, जीआरपी चौकी प्रभारी ने की बेहतरीन सहभागिता
इस महायज्ञ के तहत भविष्य की पीढ़ियों को शुद्ध हवा और घनी छांव देने वाले औषधीय और विशालकाय पौधों को चुना गया, अशोक कुमार ने अपनी टीम के साथ मिलकर यहाँ नीम, छितवन, बरगद, पीपल और महुआ जैसे पारंपरिक व छायादार पौधे रोपे। यह सिर्फ पौधे नहीं, बल्कि तपती धूप में सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए आने वाले कल की राहत के साये हैं।
इस पुनीत और पावन कार्य में खाकी का एक बेहद मानवीय और संवेदनशील चेहरा भी सामने आया। बेल्थरा रोड GRP चौकी प्रभारी अबुशाद अहमद ने इस मुहिम की सराहना करते हुए खुद आगे बढ़कर इस महायज्ञ में सहभाग किया। उन्होंने अशोक कुमार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर स्थान चयन किये और पौधे लगाए साथ ही जीआरपी चौकी पर भी पौधारोपण किया एक प्रशासनिक अधिकारी का इस सामाजिक सरोकार से जुड़ना क्षेत्र के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गया।
एक मिसाल है यह ‘महायज्ञ’
पर्यावरण दिवस पर शुरू हुआ यह वृक्षारोपण महायज्ञ सिर्फ पेड़ों की गिनती बढ़ाने का जरिया नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक जीवंत दस्तावेज बन गया है। जब ये पौधे बड़े होकर विशाल वृक्ष बनेंगे, तब राह से गुजरने वाला हर मुसाफिर इन सजग प्रहरियों की छांव तले विश्राम करते हुए इस नेक कार्य की सराहना करेगा।

संस्थान के स्टाफ और स्थानीय नागरिकों ने अशोक कुमार और GRP चौकी प्रभारी अबुशाद अहमद के इस सराहनीय और भावुक प्रयास की दिल से प्रशंसा की है।
