कार्यकाल बढ़ा, चुनाव टला लेकिन विकास का संकल्प कायम : जनता के बीच सक्रिय हैं युवा समाजसेवी रवि कुमार मौर्य

संवाददाता-सत्येन्द्र गुप्ता(रानीगंज बाजार)
बैरिया/बलिया। पंचायत चुनाव के संभावित टलने और ग्राम पंचायतों के कार्यकाल बढ़ाए जाने की चर्चाओं के बीच गांवों की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच ग्राम पंचायत मधुबनी के सक्रिय युवा समाजसेवी एवं पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रवि मौर्य लगातार जनता के बीच सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चुनाव भले आगे बढ़ जाए, लेकिन गांव के विकास और जनता की आवाज उठाने का उनका संकल्प अडिग है।
रवि मौर्य ने कहा कि सरकार के फैसले का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन इससे जनता के मन में पैदा हुई बदलाव की भावना को रोका नहीं जा सकता। गांव की मूलभूत समस्याओं को लेकर वे लगातार लोगों के बीच रहकर काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
उन्होंने कहा,
“
हैं। कार्यकाल बढ़ जाने से चुनाव भले आगे हो गया हो, लेकिन जनता बदलाव का मन बना चुकी है। गांव के विकास, पारदर्शिता और हर व्यक्ति के सम्मान के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हम जनता के बीच पहले भी थे और आगे भी रहेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि पंचायत चुनाव केवल पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं होना चाहिए, बल्कि यह गांव की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए ईमानदारी से कार्य करने का अवसर है। गांव की टूटी सड़कें, जाम नालियां, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई जाती रही है।
रवि मौर्य का दावा है कि अब ग्रामीण जनता पहले से अधिक जागरूक हो चुकी है और केवल बड़े-बड़े वादों से संतुष्ट नहीं होने वाली। लोग अब गांव में वास्तविक विकास, पारदर्शी व्यवस्था और जनसरोकार से जुड़े नेतृत्व की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा,
“चुनाव देर से होगा, लेकिन जनता की आवाज और गांव के विकास का संकल्प नहीं रुकेगा। मैं अपने ग्राम पंचायत के हर परिवार के साथ खड़ा हूं। सेवा जारी थी, सेवा जारी है और सेवा जारी रहेगी।”
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही राजनीतिक सक्रियता के बीच पंचायत चुनाव को लेकर माहौल धीरे-धीरे गर्म होने लगा है। चुनाव की तारीख भले अभी तय न हुई हो, लेकिन गांव-गांव में राजनीतिक चर्चाएं और विकास को लेकर बहस तेज हो चुकी है।




