कोरोना काल के सेवाभावी योद्धा कुंदन एस.के. ने जन्मदिन पर दिया सेवा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कांटाफोड़- समाजसेवा, गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए पहचान रखने वाले कुंदन एस.के. (मामा) ने अपने जन्मदिन को उत्सव नहीं, बल्कि सेवा और जनकल्याण का अवसर बनाकर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने गौशाला पहुंचकर गौ माता का पूजन-अर्चन किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान गायों को हरा चारा एवं गुड़ खिलाकर गौसेवा का संदेश दिया।
इसके पश्चात उन्होंने गौशाला परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के विशेष अवसरों को प्रकृति और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने से जोड़ना चाहिए। एक पौधा न केवल पर्यावरण को सुरक्षित करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित भविष्य भी प्रदान करता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों एवं शुभचिंतकों ने कुंदन एस.के. को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। इस अवसर पर गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
उल्लेखनीय है कि कुंदन एस.के. कोरोना महामारी के कठिन दौर में एक सच्चे सेवाभावी योद्धा के रूप में सामने आए थे। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने जरूरतमंद एवं असहाय परिवारों तक खाद्य सामग्री पहुंचाने, जरूरतमंदों की हरसंभव सहायता करने तथा जनसेवा के अनेक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण ने उन्हें क्षेत्र में एक लोकप्रिय, मिलनसार और जनहितैषी व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया है।
क्षेत्रवासियों ने उनके इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जन्मदिन जैसे अवसरों को दिखावे के बजाय सेवा, संस्कार, गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना समाज के लिए प्रेरणादायक पहल है, जिससे युवा पीढ़ी को भी सकारात्मक दिशा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश मिलता है।




