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शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल:

307 प्राथमिक स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे,

संवाददाता संगीता सिंह राजनांदगांव।

शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल: 307 प्राथमिक स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे, युक्तियुक्तकरण भी नहीं सुधार सका हालात

.बस्तर जिले की सरकारी शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के उद्देश्य से किए गए युक्तियुक्तकरण (Rationalization) के बावजूद जिले के 307 प्राथमिक विद्यालय आज भी केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि पहले ऐसे विद्यालयों की संख्या 292 थी, जो अब बढ़कर 307 हो गई है। यानी व्यवस्था सुधारने की कोशिशों के बावजूद हालात और बिगड़ गए हैं।

 

जानकारी के अनुसार, कई स्कूलों में प्रधान अध्यापकों की मृत्यु, कुछ शिक्षकों का अन्य सरकारी नौकरियों में चयन, त्यागपत्र और रिक्त पदों पर समय पर नियुक्ति नहीं होने के कारण शिक्षकों की संख्या लगातार घटती गई। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। एकल शिक्षकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक को केवल कक्षा में पढ़ाने तक सीमित नहीं रहना पड़ता। उन्हें मिड-डे मील की निगरानी, छात्र-छात्राओं का रिकॉर्ड संधारण, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, विभिन्न विभागीय पोर्टलों पर ऑनलाइन जानकारी अपलोड करना, अभिभावकों से समन्वय और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं। ऐसे में एक शिक्षक के लिए सभी कक्षाओं के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

…शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्राथमिक स्तर पर मजबूत शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव होती है। यदि शुरुआती कक्षाओं में ही पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होंगे तो इसका असर विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और शिक्षा की गुणवत्ता पर लंबे समय तक दिखाई देगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों का संतुलित वितरण करना था, लेकिन रिक्त पदों की संख्या अधिक होने और नई भर्ती पूरी नहीं होने के कारण कई स्कूलों में अब भी केवल एक शिक्षक ही कार्यरत हैं। विभाग का दावा है कि नई शिक्षक भर्ती और पदस्थापना पूरी होने के बाद ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार जल्द शिक्षक भर्ती कर इन 307 स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था करेगी, या फिर हजारों बच्चों का भविष्य लंबे समय तक केवल एक शिक्षक के भरोसे ही चलता रहेगा?

शेखर ठाकुर संपादक

शेखर ठाकुर वर्तमान में भारत संवाद न्यूज़ चैनल और दैनिक संवाद अपडेट समाचार पत्र में छत्तीसगढ़ संपादक के रूप कार्यभार संभाल रहे हैं। पत्रकारिता के प्रति अपने समर्पण और स्थानीय मुद्दों पर गहरी पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले शेखर, छत्तीसगढ़ की हर छोटी-बड़ी खबर को प्रमाणिकता के साथ जनता और प्रशासन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

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