ऑपरेशन त्रिनेत्र का सटीक वार, कांटाफोड़ पुलिस ने 48 घंटे में खोला ट्रॉली चोरी का राज 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल से तीन आरोपी गिरफ्तार, 9.50 लाख रुपये की संपत्ति बरामद
कांटफोड – देवास जिले की कांटाफोड़ पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत त्वरित, तकनीकी और वैज्ञानिक विवेचना का परिचय देते हुए ट्रॉली चोरी की वारदात का महज 48 घंटे में खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गई ट्रॉली, वारदात में प्रयुक्त ट्रैक्टर, तिरपाल तथा अन्य सामग्री सहित करीब 9.50 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की है। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में ऑपरेशन त्रिनेत्र की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार 30 जून 2026 को थाना कांटाफोड़ में कृषि उपयोग की ट्रॉली चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। फरियादी की शिकायत पर अपराध क्रमांक 250/2026 धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत ने तत्काल खुलासे के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्या जैन एवं एसडीओपी बागली संजय बैस के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजेश बारेला के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहने के बजाय तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। घटनास्थल से लेकर आसपास के प्रमुख मार्गों एवं चौराहों पर लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। लगातार विश्लेषण और मुखबिर तंत्र से मिली सूचनाओं के आधार पर ग्राम मुहाड़ा के तीन संदिग्धों तक पुलिस पहुंची। हिरासत में लेकर की गई पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल में छिपाकर रखी गई करीब 1.50 लाख रुपये मूल्य की ट्रॉली, लगभग 8 लाख रुपये कीमत का कुबोटा ट्रैक्टर, पीले रंग की तिरपाल तथा ट्रॉली की पहचान छिपाने के लिए उपयोग किए गए पेंट, ब्रश एवं अन्य सामग्री बरामद की। पुलिस ने कुल 9 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
बलराम पिता धनसिंह सोलंकी (22), निवासी ग्राम मुहाड़ा
राजू पिता लालसिंह सोलंकी (31), निवासी ग्राम मुहाड़ा
मंगल पिता राजेश सोलंकी (19), निवासी ग्राम मुहाड़ा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत जिले में सीसीटीवी नेटवर्क और तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग अपराधों के त्वरित खुलासे में लगातार कारगर साबित हो रहा है। इस मामले में भी तकनीकी जांच और टीमवर्क के चलते बेहद कम समय में चोरी का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
सराहनीय भूमिका: इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजेश बारेला, उपनिरीक्षक विनय बघेल, प्रधान आरक्षक यतीश तिवारी, शिवकुमार सिंह, अशोक शर्मा, आरक्षक दिलीप बंडवाल एवं शमशेर शाह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



