यूपी

गोआश्रय स्थलों पर हरे चारे, भूसे, पेयजल एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें- अध्यक्ष गौ-सेवा आयोग 

अध्यक्ष गौ-सेवा आयोग की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग की जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न

ब्यूरो चीफ आयुष त्रिपाठी 

गौ वंश के गोबर एवं मूत्र के उपयोग से जहर मुक्त प्राकृतिक खेती पर दिया जोर 

चारागाह भूमि पर हरे चारे की शत-प्रतिशत बुआई कराकर गोवंश को वर्षपर्यंत हराचारा उपलब्ध कराएं 

गौशालाओं में नर एवं मादा बच्चों सहित बीमार एवं अशक्त गौवंश को पृथक रखने का दिया सुझाव 

झांसी। अध्यक्ष गौसेवा आयोग श्री श्याम बहारी गुप्ता की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में पशुपालन विभाग की जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न गोआश्रय स्थलों में संरक्षित निराश्रित गोवंशों के संरक्षण, भरण-पोषण, चिकित्सा एवं मूलभूत व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अध्यक्ष गौ सेवा आयोग ने गोवंशों के समुचित रख-रखाव को शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोशालाओं में संरक्षित गोवंश को वर्षपर्यंत हराचारा उपलब्ध कराने के लिए विकास खण्डों में चिन्हित चारागाह भूमि पर बुआई तत्काल कराई जाए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां हरे चारे की बुआई की जानी है, वहां संबंधित खण्ड विकास अधिकारी स्वयं सत्यापन कर प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराएं कि बुआई का कार्य पूर्ण हो चुका है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष गौ सेवा आयोग श्री श्याम बिहारी गुप्ता ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि समस्त जनप्रतिनिधियों से एक-एक गोशाला गोद लेने हेतु आग्रह किया जाए एवं उनकी निधि के माध्यम से उस गौ आश्रय स्थल में आधारभूत संरचना से आच्छादित कराने हेतु निवेदन किया जाए। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा भी ग्राम पलींदा में गोआश्रय स्थल को गोद लिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वर्षा ऋतु को देखते हुए किसी भी गोआश्रय स्थल में जलभराव की स्थिति नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि गोवंशों को किसी प्रकार की असुविधा या बीमारी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि नर और मादा बच्चों सहित बीमार गौवंश को पृथक् रखा जाए और समय से उनका इलाज कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री सहभागिता योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर रहे सहभागियों का सत्यापन कराया जाए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि लाभार्थियों द्वारा गोवंशों का समुचित संरक्षण एवं भरण-पोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों द्वारा अधिक सुपुर्दगी की जाएगी उनको सम्मानित किया जाएगा,यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। अध्यक्ष गौसेवा आयोग श्री श्याम बिहारी गुप्ता ने गोवंश संरक्षण से संबंधित अन्य बिंदुओं की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि गोआश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चारागाह के चारों ओर मोरिंगा के पेड़ लगाने तथा नेपियर घास लगाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंशों के संरक्षण एवं देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ करें। बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 संजय कुमार सिंह सहित जिला विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, समस्त व्हाइट पशु चिकित्साधिकारी,समस्त खण्ड विकास अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

आयुष त्रिपाठी

ब्यूरो चीफ झांसी

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