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लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होना युवाओं के हितों के लिये ऐतिहासिक निर्णय : स्वप्निल तिवारी

लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होना युवाओं के हितों के लिये ऐतिहासिक निर्णय : स्वप्निल तिवारी

लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होना युवाओं के हितों के लिये ऐतिहासिक निर्णय : स्वप्निल तिवारी

तिलक राम पटेल ब्यूरोचिफ महासमुंद जिला भारत संवाद टीवी न्यूज चैनल दैनिक अपडेट अखबार

महासमुंद-भाजपा जिला प्रवक्ता स्वप्निल तिवारी ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा तथा पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं निर्णायक कदम बताया है।

स्वप्निल तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार लगातार ऐसी व्यवस्थाएं विकसित कर रही है, जिनसे युवाओं की मेहनत, प्रतिभा और ईमानदारी को उचित सम्मान मिले। यह संशोधन विधेयक प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक मजबूत कानूनी आधार प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों की मेहनत को कुछ असामाजिक तत्व पेपर लीक और अनुचित साधनों के माध्यम से प्रभावित करते रहे हैं। अब ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित होगी और परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय एवं पारदर्शी बनेगी। इससे युवाओं का प्रतियोगी परीक्षाओं पर विश्वास और मजबूत होगा।

स्वप्निल तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि देश का भविष्य केवल योग्यता, परिश्रम और ईमानदारी के आधार पर तय होगा, किसी भी प्रकार की धांधली या भ्रष्टाचार के आधार पर नहीं। यही विकसित भारत के निर्माण की मजबूत नींव है।

उन्होंने लोकसभा में इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री तथा सभी सांसदों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कानून केवल परीक्षा सुधार का माध्यम नहीं, बल्कि देश के युवाओं के सपनों और विश्वास की रक्षा का सशक्त संकल्प है। यह निर्णय आने वाले वर्षों में भारत की भर्ती एवं परीक्षा प्रणाली को और अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

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