*राजनांदगांव में ED की बड़ी कार्रवाई:*
*नाहटा ग्रुप और ललित भंसाली के ठिकानों पर तड़के दबिश; DMF फंड में गड़बड़ी की आंच*
*राजनांदगांव में ED की बड़ी कार्रवाई:*
*नाहटा ग्रुप और ललित भंसाली के ठिकानों पर तड़के दबिश; DMF फंड में गड़बड़ी की आंच*
_क्राइम रिपोर्टर संगीता सिंह
राजनांदगांव।_
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जिला खनिज न्यास (DMF) फंड में वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राजनांदगांव में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। गुरुवार सुबह तड़के करीब 6:00 बजे ED की टीमों ने शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी नाहटा ग्रुप और ललित भंसाली के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। अचानक हुई इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक और व्यावसायिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
रायपुर और भोपाल ED टीमों की संयुक्त कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह रेड रायपुर और भोपाल ED की संयुक्त टीम द्वारा की जा रही है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF) के जवानों ने परिसरों को अपने घेरे में ले लिया है। किसी भी बाहरी व्यक्ति के अंदर प्रवेश या बाहर जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों द्वारा:
वित्तीय लेनदेन से संबंधित अहम दस्तावेज
डिजिटल डिवाइस (लैपटॉप, हार्ड डिस्क, मोबाइल)
बैंक खातों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड्स
को खंगाला और जब्त किया जा रहा है।
DMF फंड की अनियमितता पर गड़ी नजरें
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई जिला खनिज न्यास (DMF) फंड के वितरण और टेंडर आवंटन में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी हुई है। आरोप हैं कि पूर्व में DMF फंड के तहत मिलने वाले ठेकों और सप्लाई कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े, कमीशन खोरी और नियमों को ताक पर रखकर चहेती फर्मों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि नाहटा ग्रुप और ललित भंसाली के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का उपयोग इन पैसों के लेन-देन या शेल कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग में किस हद तक हुआ है।
व्यापारिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली
सुबह-सुबह हुई इस बड़ी छापेमारी के बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ED की यह कार्रवाई न केवल राजनांदगांव बल्कि पूरे प्रदेश के DMF घोटाले से जुड़े तार खंगालने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। अधिकारियों की ओर से औपचारिक बयान जारी होना अभी बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि इस जांच के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
विशेष नोट: मामले में लगातार जांच जारी है और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद जब्ती या अगली कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।



