एसपी श्रीमती प्रियंका शुक्ला के सख्त तेवरों से अवैध गतिविधियों पर लगाम *
फिर भी कुछ थानों में ‘मनमर्जी’ का खेल ?

✍️भारत संवाद ✍️
कालापीपल(बब्लू जायसवाल)शाजापुर जिले की कमान एसपी प्रियंका शुक्ला के संभालने के बाद पुलिसिंग में सख्ती दिखाई देने लगी है,वही जिले में 13 थाने ने लगते हैं,उनमें से कुछ थानो पर थाना प्रभारी अपनी मनमर्जी के हिसाब से चलते हैं ना कि एसपी के निर्देशों का पालन करते हुए नहीं दिखाते हैं,वही अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही
किए जाने से असामाजिक तत्वों में भी हल-चल नजर आ रही है,एसपी के सख्त रवैये का असर जिले के कई थाना क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है,लेकिन इसी बीच कुछ थाना प्रभारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं,चर्चाएं हैं कि जिले में जहां पुलिस अधीक्षक की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश और सख्ती दिखाई जा रही है,वहीं कुछ थाना स्तर पर अधिकारी अपनी सुविधा और मनमर्जी के हिसाब से काम करते नजर आते हैं।
‘एसपी की सख्ती बनाम थानों की मनमर्जी’ का यह अंतर आखिर क्यों ? यदि जिले की कप्तान अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने को लेकर गंभीर हैं,तो क्या सभी थाना प्रभारी भी उसी नीति और दिशा-निर्देश के अनुरूप कार्यवाही कर रहे हैं ?
अब सवाल यह भी है कि क्या एसपी कार्यालय से जारी निर्देश थानों तक पूरी गंभीरता से पहुंच रहे हैं या रास्ते में ही उनकी धार कुंद हो रही है ? चर्चाओं और शिकायतों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए तो स्थिति और स्पष्ट हो सकती है,जरूरत इस बात की है कि पुलिस अधीक्षक ऐसे थाना क्षेत्रों की कार्यप्रणाली पर भी नजर डालें,जहां पुलिसिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
*क्योंकि कप्तान सख्त हों और मातहत अपनी राह चलें, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है*
अन्य विशेष थाने:
1.महिला थाना (विशेषकर महिलाओं से जुड़े मामलों के लिए)
2.अजाक थाना (SC/ST अत्याचार निवारण के लिए)
3.यातायात थाना (ट्रैफिक व्यवस्था के लिए)




