राष्ट्र,धर्म और संस्कृति को बचाने के लिए जातिवाद छोड़ना जरूरी

रिपोर्ट सुधीर बैसवार
सनावद / भारतवासी राष्ट्रहित में जाति का अहंकार त्याग दें। हम सब सनातनी भारतवासी एकरूप हैं।भारत राष्ट्र,सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए सामाजिक समरसता का भाव अपनाना होगा।
ये प्रेरणादायी विचार समरसता होली मिलन समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय बलाई समाज के अध्यक्ष मनोज परमार ने व्यक्त किए। सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में आयोजित होली मिलन समारोह का संयोजन नीलेश वर्मा और दिलीप सकरोदिया ने किया।
परमार ने कहा कि कुछ नेता तुष्टिकरण के लिए भारत की सनातन संस्कृति को नष्ट करने आमादा हैं। हमें इन सनातन और राष्ट्र विरोधी तत्वों के कुचक्र को तोड़ना होगा। परमार ने “जात पात की करो विदाई,हिंदू हिंदू भाई भाई” का संदेश देते हुए कहा कि राम और कृष्ण हम सबके आराध्य हैं और हृदयों में विराजमान हैं। परमार ने समस्त भारतवासियों को जातिवाद,भाषा वाद,क्षेत्रवाद की बेड़ियों को तोड़कर वसुधैव कुटुंबकम तथा जियो और जीने दो के आदर्श की अपनाने का आव्हान किया। परमार ने कहा कि अब हिंदू जाग गया है और अपने मंदिरों,तीज त्यौहारों,परंपराओं पर कुठाराघात सहन नहीं करेगा और धर्मांध ताकतों को मुंह तोड़ जवाब देगा। उन्होंने कहा कि जिन्होंने किसी कारणवश अपने धर्म और संस्कृति को छोड़ दिया है,वे भी हमारे अपने हैं और उन्हें अपने घर वापस आना चाहिए।परमार ने कहा कि सात सौ साल के मुगल शासन और दो सौ साल के अंग्रेजों का शासनकाल में आई विकृतियां को समाप्त करने के लिए हम सब संकल्पबद्ध हैं। परमार ने कहा कि रावण भी हमारी परंपराओं में जन्मा लेकिन अधर्म के मार्ग पर चला तो प्रतिवर्ष जलाया जाता है और राम भी हमारी परंपरा में जन्मे और धर्म के मार्ग पर चले तो हमारे पूज्य बने। राम और कृष्ण को भी बुराइयों से जीतने के लिए युद्ध लड़ना पड़े। उसी प्रकार हिंदू समाज को संगठित होकर शक्तिशाली बनना है और अपने धर्म,संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए तैयार होना होगा।जिहादियों और आतंकियों से लड़ने के लिए शक्ति का संचय अत्यंत आवश्यक है। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत वर्ष जमीन का टुकड़ा मात्र नहीं है, यह जीवंत राष्ट्र पुरुष है। आज हम संकल्प लेते हैं कि भारत राष्ट्र,संस्कृति,अस्मिता और धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। परमार ने सनातन धर्म के विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत में रहना हो तो वंदे मातरम और भारत माता की जय कहना होगा। हम अपने सनातन धर्म पर हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि किसी को हमारी आस्था,धर्म,भारत,वंदे मातरम से तकलीफ है तो वह भारत छोड़ कर दुनिया में कहीं भी जा सकता है।समारोह का संचालन नितिन करड़क और आभार प्रदर्शन जितेंद्र राठौड़ ने किया।इस अवसर पर अमन जायसवाल,राजा चौरसिया,धर्मेंद्रसिंह पंवार,कल्याण तंवर,अमित यादव,धर्मेंद्र मसंद,अशोक राव,सौरभ वर्मा,टीटू शुक्ला,पवन कौशल,समीर माहुले सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

