काँटाफोड़ – नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में हनुमान जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। अलसुबह से ही हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जहां भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान हनुमान से सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना की। “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
नगर के प्रमुख मंदिरों में विशेष साज-सज्जा की गई। खेड़ापति हनुमान मंदिर, नजरपुरा हनुमान मंदिर और बड़घाट हनुमान मंदिर (होलानी जी की बगीची) में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ा, जहां हर उम्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी आस्था व्यक्त की। खेड़ापति हनुमान मंदिर पर विशेष रूप से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान को चोला चढ़ाया, सिंदूर अर्पित किया और प्रसाद चढ़ाकर परिवार की सुख-शांति की कामना की। नगर के विभिन्न स्थानों पर भी भंडारों का आयोजन हुआ, जहां सेवा भाव के साथ श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी वितरित की गई। भजन-कीर्तन और सुंदरकांड पाठ के आयोजन से पूरा नगर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
इस अवसर पर कई श्रद्धालुओं ने बताया कि हनुमान जयंती केवल एक पर्व नहीं, बल्कि शक्ति, भक्ति, निष्ठा और समर्पण का प्रतीक है। भगवान हनुमान को अटूट भक्ति और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है, जिन्होंने भगवान श्रीराम की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची निष्ठा, साहस और सेवा भाव से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।
हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर नगरवासियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। युवा, बुजुर्ग और महिलाओं ने मिलकर इस पर्व को उत्साहपूर्वक मनाया। मंदिर समितियों और श्रद्धालुओं के सहयोग से पूरे नगर में भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला।