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बिजली बिलों में गड़बड़ी को लेकर NSUI.

निष्पक्ष जांच की मांग?

रायपुर: बिजली बिलों में गड़बड़ी को लेकर NSUI का हल्लाबोल, निष्पक्ष जांच की मांग

रायपुर: राजधानी रायपुर में पिछले कुछ समय से बिजली उपभोक्ताओं को मिल रहे भारी-भरकम और त्रुटिपूर्ण बिजली बिलों का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करते हुए इस पूरी गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

प्रमुख बिंदु: प्रदर्शन और मांगें

NSUI के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता बिजली ऑफिस का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा आम जनता और मध्यमवर्गीय परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।

अत्यधिक बिलिंग का आरोप: कार्यकर्ताओं ने बताया कि कई घरों में सामान्य खपत के बावजूद बिल हजारों और लाखों में आ रहे हैं, जो सीधे तौर पर तकनीकी गड़बड़ी या भ्रष्टाचार का संकेत है।

गरीब तबके पर मार: प्रदर्शनकारियों के अनुसार, स्लम बस्तियों और किराए पर रहने वाले छात्रों को भी मनमाने बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक कमर टूट रही है।

भ्रष्टाचार की आशंका: संगठन ने मांग की है कि सॉफ्टवेयर और मीटर रीडिंग की प्रक्रिया में हो रही गड़बड़ी की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की जाए।

अल्टीमेटम: NSUI ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर बिलों में सुधार नहीं किया गया और गड़बड़ी के दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे।

विभाग की प्रतिक्रिया

बिजली विभाग के अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है कि तकनीकी स्तर पर बिलों की जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि “रीडिंग एरर” या तकनीकी कारणों से कुछ बिलों में अंतर हो सकता है, जिसे सुधारने की प्रक्रिया जारी है।

“आम जनता पहले ही महंगाई से त्रस्त है, ऊपर से बिजली विभाग के ये ‘करंट’ मारने वाले बिल उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं। हम चुप नहीं बैठेंगे।”

— NSUI स्थानीय पदाधिकारी

निष्कर्ष

रायपुर में बिजली बिलों का मुद्दा अब एक राजनीतिक और सामाजिक रंग ले चुका है। जहां एक ओर जनता बिल सुधारने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही है, वहीं NSUI के इस विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। अब देखना यह होगा कि विभाग इस गड़बड़ी को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

शेखर ठाकुर संपादक

शेखर ठाकुर वर्तमान में भारत संवाद न्यूज़ चैनल और दैनिक संवाद अपडेट समाचार पत्र में छत्तीसगढ़ संपादक के रूप कार्यभार संभाल रहे हैं। पत्रकारिता के प्रति अपने समर्पण और स्थानीय मुद्दों पर गहरी पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले शेखर, छत्तीसगढ़ की हर छोटी-बड़ी खबर को प्रमाणिकता के साथ जनता और प्रशासन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

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