—
*प्रचंड गर्मी के बीच उपचार व्यवस्था पर उठे सवाल: गोकुल नगर में दो मौतों से दहशत*(संवाददाता )संगीता सिंह, (राजनंदगांव)
*ब्रेन हेमरेज से युवक की मौत, दो मासूम बेटियां हुईं अनाथ*
भीषण गर्मी और समय पर समुचित चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिलने के आरोपों के बीच खैरागढ़ शहर के नया टिकरापारा स्थित गोकुल नगर वार्ड में दो अलग-अलग परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कुछ ही दिनों के अंतराल में वार्ड के दो लोगों की मौत ने पूरे इलाके को शोक और भय के माहौल में डाल दिया है। दोनों मामलों में परिजनों ने स्थानीय अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर और पर्याप्त सुविधा के अभाव की बात कही है।
*23 वर्षीय गर्भवती की मौत, तीन दिन की बच्ची अनाथ*
इसी वार्ड की निवासी श्रीमती रीना यादव (23 वर्ष), पति चिन्ना यादव को भी भीषण गर्मी के बीच उच्च रक्तचाप के दौरान मौत हो गई। रीना का विवाह लगभग तीन वर्ष पूर्व हुआ था और उनकी डेढ़ वर्षीय बेटी भी है। पति चिन्ना यादव ने बताया कि 21 मई को तेज गर्मी के कारण रीना को अचानक चक्कर आया और उल्टी शुरू हो गई। उन्हें तत्काल सिविल जिला अस्पताल ले जाया गया जहां एसी बनाकर एच एंड इंजेक्शन दिए गए और वापस घर भेज दिया गया। अगले दिन रीना को तेज बुखार और दस्त शुरू हो गए। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें खैरागढ़ के निजी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने डीहाइड्रेशन की आशंका जताते हुए उच्च उपचार के लिए बाहर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद रीना को मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव ले जाया गया। परिजनों के अनुसार अस्पताल में स्कूली बच्चों को बोलते वक्त दी लेकिन टुली बोतल के दौरान उन्हें ठंड लगने लगी और अचानक ब्लड प्रेशर काफी नीचे चला गया। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें रायपुर रेफर किया गया। रायपुर एम्स में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया लेकिन शनिवार सुबह लगभग 6 बजे उनका निधन हो गया। रीना की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। डेढ़ साल की मासूम बच्ची के सिर से मां का साया उठ जाने से पूरा मोहल्ला भावुक है।
*ब्रेन हेमरेज से 41 वर्षीय दीपक यादव की मौत*
गोकुल नगर निवासी दीपक यादव (41 वर्ष) शिव मंदिर राम स्टोर की दुकान के पीछे लघु में रहते थे। 5 मई को दोपहर लगभग 2 बजे भोजन करने के बाद अचानक उनका ब्लड प्रेशर अत्यधिक बढ़ गया जिसके बाद उन्हें बेहोशी जैसा लगने लगा और ब्रेन हेमरेज हो गया। परिजन तत्काल उन्हें डोंगरगढ़ सिविल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां प्राथमिक उपचार के दौरान उनका शरीर काफी अधिक गर्म पाया गया। आरोप है कि अस्पताल में विशेषज्ञ सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें अन्यत्र ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद परिजन दीपक को छोड़कर के निजी आईसीयू अस्पताल ले गए लेकिन वहां भी चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने से रायपुर रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव पहुंचे जहां से भी उन्हें रायपुर भेज दिया गया। रायपुर जिला एम्स में भर्ती के प्रयास किए गए लेकिन बेड उपलब्ध नहीं होने की जानकारी देकर मेकाहारा भेज कर दिया गया। परिजनों के अनुसार मेकाहारा और एम्स निजी अस्पताल में भी भर्ती नहीं किया गया।
*स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल*
लगातार तेज बुखार आने और उपचार में देरी को लेकर लोगों ने प्रशासन एवं स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति नाराजगी दिखाई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि समय पर विशेषज्ञ डॉक्टर और आईसीयू सुविधा मिल जाती तो दोनों की जान बच सकती थी। शहर में बढ़ती गर्मी के बीच जिला अस्पताल में सुविधाओं की कमी से लोगों में दहशत है।
*प्रशासन ने दिए जांच के आदेश*
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। सीएमएचओ ने कहा कि दोनों मामलों की रिपोर्ट मंगाई गई है। गर्मी के मौसम में लू और डिहाइड्रेशन के केस बढ़ रहे हैं। सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। आम जनता से अपील है कि तेज गर्मी में बिना जरूरत घर से न निकलें, ज्यादा पानी पिएं और लू के लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें।
–

