*डोंगरगढ़ राजनीतिक हलचल:
मंडल अध्यक्ष की कार्यशैली से नाराज 111 भाजपाइयों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, संगठन में हड़कंप
*संवाददाता संगीता सिंह राजनांदगांव*

*डोंगरगढ़ राजनीतिक हलचल: मंडल अध्यक्ष की कार्यशैली से नाराज 111 भाजपाइयों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, संगठन में हड़कंप*
डोंगरगढ़। डोंगरगढ़ भाजपा में एक बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है। पार्टी के भीतर अंतर्कलह और असंतोष की आग इस कदर भड़की है कि डोंगरगढ़ के 111 वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक साथ अपने पदों एवं प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इस अचानक हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद से स्थानीय स्तर पर पार्टी में हड़कंप मच गया है, वहीं राजनीतिक गलियारों में इसकी जोरदार चर्चा हो रही है।
कार्यकर्ताओं की अनदेखी से बढ़ा असंतोष
सामूहिक त्यागपत्र में कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्ष की तानाशाही कार्यशैली और निष्ठावान भाजपाइयों की लगातार हो रही उपेक्षा को इस्तीफे का मुख्य कारण बताया है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संगठन में लगातार पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को हाशिए पर धकेला जा रहा था और मंडल अध्यक्ष मनमाने तरीके से फैसले ले रहे थे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि बार-बार बात रखने के बावजूद जब सुधार की कोई गुंजाइश नहीं दिखी, तो भारी मन से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
शीर्ष नेतृत्व को भेजा गया इस्तीफा पत्र
असंतुष्ट भाजपाइयों ने अपना संयुक्त इस्तीफा पत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और जिला अध्यक्ष सहित भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को संबोधित करते हुए भेजा है। पत्र में कार्यकर्ताओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि संगठन में समर्पित लोगों की ही सुनवाई नहीं होगी, तो पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
संगठन ने साधी चुप्पी
इतने बड़े पैमाने पर हुए सामूहिक इस्तीफे के बाद जहां एक तरफ क्षेत्र की राजनीति गर्मा गई है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय व जिला संगठन ने फिलहाल पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। पार्टी का कोई भी बड़ा पदाधिकारी इस विषय पर खुलकर बोलने से बच रहा है।
अब देखना यह होगा कि भाजपा का प्रदेश नेतृत्व इस अंदरूनी कलह को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है और कार्यकर्ताओं के इस भारी असंतोष को दूर करने के लिए क्या डोंगरगढ़ में संगठन के स्तर पर कोई बड़ा फेरबदल किया जाएगा।

