*विधानसभा में महिला अपराध की गूंज, विपक्ष के सवालों से घिरे गृहमंत्री शर्मा,
महिला थानों की संख्या बढ़ाने का दिलाया भरोसा*

_संवाददाता संगीता सिंह राजनांदगांव_
*विधानसभा में महिला अपराध की गूंज, विपक्ष के सवालों से घिरे गृहमंत्री शर्मा, महिला थानों की संख्या बढ़ाने का दिलाया भरोसा*
प्रदेश में बढ़ते महिला अपराध और नाबालिग लड़कियों के अपहरण को लेकर आज विधानसभा में कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने सवाल उठाया। विपक्ष ने सरकार से पूछा कि इसे रोकने क्या प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही महिला विधायक ने प्रदेश के सभी 33 जिलों में महिला थाना खोलने की मांग गृहमंत्री से की। विभागीय मंत्री विजय शर्मा ने वर्तमान में 13 महिला थाना संचालित होने की जानकारी देते हुए कहा कि भविष्य में इसकी संख्या बढ़ाई जाएगी। वही मंत्री ने महिला अपराध रोकने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी सदन को दी।
प्रश्नकाल में भाजपा विधायक धरम लाल कौशिक ने यह मामला उठाते हुए सरकार से पूछा कि क्या प्लेसमेंट एजेंसी के कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन जरूरी है आज तक कितने का सत्यापन कराया गया है। नियम का पालन नहीं करने वाले एजेंसी पर कार्रवाई का क्या प्रावधान है। आपके टेंडर में यह शर्त अनिवार्य है तो फिर इसका पालन क्यों नहीं हो रहा है। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने बताया कि प्लेसमेंट कर्मचारी के रूप में सुरक्षा, सफाई और चालक के पद में रखने का प्रावधान है। डी के हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज रायपुर में आउटसोर्सिंग का प्रावधान है जहां शत प्रतिशत सत्यापन किया जा चुका है परंतु अंबेडकर अस्पताल में यह लागू नहीं है। पुलिस सत्यापन के बगैर भुगतान रोकने की शर्त नहीं है । भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और धरम लाल कौशिक आउटसोर्सिंग के सभी कर्मचारियों का चरित्र सत्यापन कराने की मांग की। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को भरोसा दिलाया कि भविष्य में सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का चरित्र सत्यापन कराया जाएगा।

