दावेदारी धरी रह गई,युवामोर्चा में अपने कार्यकर्ताओं को पद नहीं दिलवा पाए नेताजी..!
संगठन में जनप्रतिनिधियों की दूरी से उठे सवाल,क्या कालापीपल विधानसभा में संगठनात्मक ताल-मेल की कमी ?

✍️भारत संवाद ✍️
कालापीपल(बब्लू जायसवाल)वर्तमान में हुई संगठन में नियुक्तियां क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई,जहां लोगों को उम्मीद थी कि युवामोर्चा जिला अध्यक्ष शायद कालापीपल विधानसभा से बने का गुणा-भाग लगा रहे थे,लेकिन संगठन में सबके गुणा-भाग फ़ैल कर दिए, शुजालपुर विधानसभा से हर्ष वर्धन मंडलोई को युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष बना दिया गया,राजनीति में इन दिनों जनप्रतिनिधियों और संगठन के बीच ताल-मेल को लेकर चर्चाएं तेज हैं,क्षेत्र में सवाल उठ रहा है कि क्या जनप्रतिनिधि संगठन के साथ कदमताल करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं या फिर संगठन की कार्यप्रणाली ही ऐसी है कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी नहीं बन पा रही ? कार्यकर्ताओं और राजनीतिक जानकारों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि संगठन और जनप्रतिनिधि यदि एक साथ सक्रिय रूप से मैदान में नजर आएं तो इसका सीधा लाभ कार्यकर्ताओं और क्षेत्र की जनता को मिल सकता है,लेकिन कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों में अपेक्षित समन्वय दिखाई नहीं देने पर सवाल खड़े हो रहे हैं,अब बड़ा सवाल यही है-आखिर ताल-मेल की गाड़ी पटरी पर क्यों नहीं आ पा रही ? क्या जनप्रतिनिधि संगठन के साथ चलना नहीं चाहते या संगठन उन्हें साथ लेकर चलने में सफल नहीं हो पा रहा ? फिलहाल इसका जवाब संगठन और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से ही सामने आएगा।
अंत में:-जिन लोगो ने युवामोर्चा जिला अध्यक्ष बनने के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी,उनके राजनीतिक आकाओं ने यह कहकर मामले को शांत कर दिया कि नियुक्ति मेंरी नहीं चली,भाई साहब की चली..!



