*रात 2:00 बजे मुख्य सड़क पर लगाए गए थेगले*
*एक तरफ सड़कों का जाल,दूसरी तरफ नगर की मुख्य सड़क पर थेगलो का जाल,जनप्रतिनिधियों के विकास की खुली पोल *
✍️भारत संवाद ✍️
कालापीपल(बब्लू जायसवाल) नगर की बात बड़ी-बड़ी, विकास के दावे हजार,कहा जा रहा है,चारों तरफ सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है,लेकिन जरा नगर की मुख्य सड़क पर चल कर देखो,तो सच्चाई सामने आ जाएगी,
*मुख्य सड़क पर “थेगले” ही थेगले*
कागजों में नई सड़क,जमीन पर पैबंद,नगर की मुख्य सड़क पर डामर कम,थेगले ज्यादा लगे हैं,हर 10 कदम पर गड्ढा,हर गड्ढे में पानी,गाड़ियां नहीं,लोग उछल-उछल कर चलते हैं।”ये सड़क है या खेत ? जनप्रतिनिधि इसी सड़क से आंख बंद करके निकल जाते हैं”एक मोटर साइकिल ने तंज कसा.!
*जाल नई कॉलोनियों में,जंजाल नगर में*
आरोप है कि सड़कों का जाल सिर्फ नई-नई प्राइवेट कॉलोनियों में बिछाया जा रहा है,जहां कॉलोनाइजर से कमीशन मिलता है,वहीं नगर की मुख्य सड़क, जहां हजारों लोग रोज चलते हैं,वहां थेगले लगाकर खानापूर्ति की जा रही है,नई सड़क पर फीता काटने नेता आ जाते हैं,पर मुख्य सड़क के गड्ढे देखने कोई नहीं आता।
* विकास की पोल-खोल तस्वीर *
– करोड़ों का टेंडर,लाखों का घोटाला ?
– नई सड़क 6 महीने में उखड़ी,मुख्य सड़क 15 साल से नहीं बनी
– थेगले लगाकर लाखों का बिल पास ?
– लोगों का कहना है “अगर यही विकास है,तो ऐसा विकास नहीं चाहिए।”
*जनता का सीधा सवाल:
* नगर परिषद और जनप्रतिनिधि बताएं -जब हर तरफ सड़कों का जाल बिछ रहा है,तो नगर की मुख्य सड़क पर ये थेगलों का जाल क्यों ? क्या मुख्य सड़क पर चलने वाले लोग वोटर नहीं हैं ?




