बंसीपहाड़पुर बलुआ पत्थर से दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में बनेगा भव्य स्वामीनारायण मंदिर।

बयाना। BAPS स्वामीनारायण संस्था के संतों का बयाना आगमन पर किया स्वागत। संस्था से जुड़े राजेश गोयल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्वामीनारायण संस्था से पधारे पूज्य संत श्री विनयचरित स्वामी जी और पूज्य श्री बालमुकुंद स्वामी जी के बयाना आगमन पर बंसीपहाड़पुर सैंडस्टोन पत्थर की गुणवत्ता का जायजा लिया एवं बताया कि शीघ्र ही दक्षिण अफ्रीका के सबसे बड़े शहर जोहान्सबर्ग में गांधीनगर, दिल्ली, गढड़ा, जूनागढ़, जयपुर, सूरत, मुंबई, नासिक, पुणे, नागपुर, महिलाव जैसा भव्य और सुंदर स्वामीनारायण मंदिर आकार लेने जा रहा है। स्वामीनारायण BAPS संस्था के विदेशों में रोबिन्सविल USA, लंदन, UAE में अबू धाबी, LA, शिकागो, टोरांटो, ह्यूस्टन, ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख देशों में स्वामीनारायण मंदिर स्थित हैं। अब जोहान्सबर्ग में अबू धाबी जैसा भव्य स्वामीनारायण मंदिर निर्माण किया जायेगा। इस अवसर पर गुणवत्ता जाँचने साथ पधारे इंजीनियर नरेन्द्र चौहान, जिग्नेश पटेल, मेगुल पटेल सभी ने पत्थर की गुणवत्ता के बारे में जाँच पड़ताल की।
भगवान स्वामीनारायण हिंदू धर्म के प्रमुख संप्रदाय के संस्थापक हैं, जिन्हें बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) जैसे संगठनों द्वारा पूजा जाता है।
भगवान स्वामीनारायण का जन्म 3 अप्रैल 1781 (रामनवमी के दिन) उत्तर प्रदेश के अयोध्या के निकट छपैया नामक गाँव में हुआ था। उनका मूल नाम घनश्याम पांडे था, जो एक ब्राह्मण परिवार से थे। बचपन से ही वे धार्मिक प्रवृत्ति के थे और 11 वर्ष की आयु में घर त्यागकर वन विचरन पर निकल गए। बाद में वे स्वामीनारायण के नाम से प्रसिद्ध हुए। उन्होंने गुजरात में कई मंदिर स्थापित किए और भक्ति, नैतिकता तथा सामाजिक सुधारों पर जोर दिया। उनका निधन 1830 में हुआ, लेकिन उनका संप्रदाय आज दुनियाभर में फैला हुआ है।
BAPS स्वामीनारायण संस्था के गुरु पूज्य प्रमुख स्वामी महाराज और हाल में पूज्य प्रगट गुरु महंत स्वामी महाराज द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में स्वामीनारायण मंदिर निर्माण किया है। यह UAE में पहला हिंदू मंदिर है। यह मंदिर भारतीय संस्कृति, वास्तुकला और मूल्यों का प्रतीक है, जिसमें संगमरमर और बंसीपहाड़पुर पत्थर का उपयोग किया गया है। मंदिर में स्वामीनारायण समेत अन्य हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ हैं। मंदिर का उद्घाटन 14 फरवरी 2024 वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर संस्था के प्रगट गुरुहरि महंत स्वामी महाराज जी और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया। यह मंदिर UAE में हिंदू समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जहाँ लगभग 3.5 मिलियन भारतीय रहते हैं। ब्रह्मस्वरूप प्रमुख स्वामी महाराज ने इस मंदिर की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में BAPS ने दुनियाभर में 1100 से अधिक मंदिर बनवाए, जिसमें अबू धाबी का यह मंदिर भी शामिल है। वे स्वामीनारायण संप्रदाय के आध्यात्मिक गुरु थे और सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते थे। हाल में BAPS स्वामीनारायण संस्था के आध्यात्मिक गुरु प्रगट ब्रह्मस्वरूप महंत स्वामी महाराज जी हैं।
स्वामीनारायण संस्था 200 से अधिक देशों में फैली है, जिसमें अमेरिका, यूके, अफ्रीका और मध्य पूर्व शामिल हैं। BAPS संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है। छपैया से शुरू हुई यह परंपरा अब वैश्विक स्तर पर हिंदू धर्म को मजबूत कर रही है।

