भगवान महावीर स्वामी का 2625 वा जन्म महोत्सव बड़ी धूम धाम से मनाया गया।
नगर में विराजित द्वय आचार्य का सानिध्य हुआ प्राप्त।

रिपोर्ट सुधीर बैसवार
सनावद:-जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2625 वा जन्म कल्याणक महोत्सव बड़े ही भक्ति भाव एवम हर्षोल्लास से मनाया गया।समाज प्रवक्ता सन्मति जैन काका बताया की भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक सभी समाज जनों ने बड़े ही भक्ति भाव से मनाया।
जिसके अंतर्गत दो दिवसीय कार्यक्रमों की बेला में एक दिन पूर्व रात्री में नवीन जैन परिसर में सर्वप्रथम कार्यक्रम के प्रारम्भ में भगवान महावीर के चित्र के समकक्ष चांदमल जी कोचर , इंजी.मनोज जैन, शैलेश लाठिया, आदित्य पंचोलिया, संतोष बाकलीवाल, समिति संयोजक वैभव सराफ, विशाल,चौधरी कुणाल जैन,आशीष जैन के द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया एवं नगर के स्थानीय कलाकार संगीता पाटोदी, प्रदीप पंचोलिया, पंकज जटाले, प्रांशुल पंचोलिया के द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई।
वर्धमान सागर पाठशाला एवं आचार्य वर्धमान सागर बहु मंडल के द्वारा सांस्कृतिक धार्मिक प्रस्तुतियां दी गई एवम मुख्य दिवस गुरुवार को प्रातः सर्वप्रथम पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में श्रीजी का अभिषेक नित्य नियम पूजन तत्पश्चात भगवान महावीर स्वामी को रथ में विराजमान करने का सौभाग्य ऋतिक सुधीर कुमार जैन परिवार को प्राप्त हुआ वही रथ का सारथी बनने का सौभाग्य सुधीर कुमार प्रशांत पुलकित चौधरी परिवार को प्राप्त हुआ वही शोधर्म इंद्र बनने का शौभाग्य सार्थक प्रफुल्ल कुमार जैन को प्राप्त हुआ साथ ही ।
जुलूस में बड़े मन्दिर जी से रथ में श्री जी को विराजमान कर के नगर के मुख्य मार्गो से होते हुवे पुनः बड़े मंदिर जी मे रथ यात्रा का समापन हूवा । रथ यात्रा की सभी धर्मावलंबियों ने अपने अपने घरों के सामने श्री जी की आरती उतार मंगल गीत गाए जुलुश का भारतीय जनता पार्टी, नगर पालिका परिषद , काग्रेस पार्टी के द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया ।

मंदिर जी में आचार्य श्री कुमुद नंदी जी महाराज एवं मुनि श्री विप्रणत सागर महाराज के सानिध्य में श्री जी का पंचामृत अभिषेक एवं शांति धारा की गई मंदिर जी में आचार्य श्री ने संक्षिप्त उद्भबोधन में कहा की भगवान महावीर स्वामी के बताये हुवे रास्ते पर चलने वाला व्यक्ति कभी भी अपने धर्म से नही भटकेगा जैन धर्म बहुत ही शाश्वत धर्म है वे अनादी काल से चला आ रहा है ओर आगे भी चलता रहेगा।

भगवान महावीर का अमर संदेश है जियो ओर जीने दो जिसे आज सम्पूर्ण विश्व मे जैन समाज मान कर जैन धर्म का प्रचार प्रसार कर रही है। वही रात्रि में बालक वर्धमान के माता पिता बनने का शोभाग्य विपिन कुमार ऊषा लाठियां परिवार कों प्राप्त हूवा। जुलूस में चांदमल जी कोचर परिवार के सहयोग से बनाई गई चलित टीले पर गाय के द्वारा स्वयं दूध झरने पर भगवान महावीर प्रकट होना वाली झाकी आकर्षण का केंद्र रही।
सभी समाजनों के द्वारा नवीन परिषद में बालक वर्धमान को पालना झुलाया गया व कमल जैन एंड पार्टी बड़वाह के द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रशांत जैन मोनू ने किया इस अवसर पर इस सफल आयोजन के लिये भगवान महावीर स्वामी जन्म कल्याणक महोत्सव समिति के सदस्यों ने सभी समाजजनों का आभार माना।


