दल-बदल कानून में कड़े संशोधन की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा

प्रिंस पटेल जिला रिपोर्टर कटनी -अखिल भारतीय हिन्द क्रांति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट पन्नालाल त्रिपाठी ने आज महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम जिला कलेक्टर कटनी के माध्यम से एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपकर देश में लागू दल-बदल कानून को और अधिक प्रभावी एवं कठोर बनाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 1985 में लागू किए गए दल-बदल विरोधी कानून का उद्देश्य लोकतंत्र की पवित्रता बनाए रखना तथा जनमत का सम्मान करना था, किंतु वर्तमान समय में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों द्वारा पार्टी बदलने की घटनाएं लगातार लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही हैं। इससे मतदाताओं के विश्वास को ठेस पहुंचती है तथा जनता के जनादेश का अनादर होता है।
प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट पन्नालाल त्रिपाठी ने ज्ञापन में सुझाव दिया है कि जो विधायक अथवा सांसद अपनी पार्टी छोड़कर किसी अन्य दल में शामिल होता है, उसकी सदस्यता तत्काल समाप्त की जाए तथा उसे आगामी 15 वर्षों तक कोई भी चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि इस प्रकार के मामलों में कठोर दंडात्मक प्रावधान किए जाएं ताकि दल-बदल की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
उन्होंने कहा कि जनता किसी उम्मीदवार को केवल उसके व्यक्तिगत आधार पर नहीं, बल्कि उसकी पार्टी की विचारधारा, नीतियों और चुनावी वादों को ध्यान में रखकर अपना मत देती है। ऐसे में निर्वाचित होने के बाद दल बदलना मतदाताओं के साथ विश्वासघात के समान है।
अखिल भारतीय हिन्द क्रांति पार्टी का मानना है कि लोकतंत्र की मजबूती, राजनीतिक नैतिकता की रक्षा तथा जनता के जनादेश के सम्मान के लिए दल-बदल कानून में व्यापक सुधार समय की आवश्यकता है। पार्टी ने केंद्र सरकार एवं संसद से इस विषय पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक संवैधानिक एवं विधायी संशोधन करने की मांग की है।
इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी लोकतंत्र की मर्यादा और जनहित में दल-बदल पर कठोर नियंत्रण की आवश्यकता पर बल दिया।
