E-Paperhttps://bharatsamvadtv.com/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifक्राइमछत्तीसगढ़टॉप न्यूज़देश

भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला:

ED का बड़ा एक्शन; नोटों की गड्डियां और चांदी की सिल्लियां बरामद!

भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला: ED का बड़ा एक्शन; नोटों की गड्डियां और चांदी की सिल्लियां बरामद

रायपुर/धमतरी: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ में भारतमाला Pariyojana (रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर) के तहत हुए जमीन अधिग्रहण मुआवजे में भारी अनियमितताओं को लेकर एक बड़ी कार्रवाई की है। इस छापेमारी ने पूरे प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।

छापेमारी की मुख्य बातें:

बड़ी जब्ती: जांच एजेंसी ने छापेमारी के दौरान ₹66.9 लाख नकद और लगभग 37.13 किलोग्राम चांदी (सिल्लियां और अन्य सामान) बरामद की है।

प्रमुख ठिकाने: रायपुर, अभनपुर, धमतरी और कुरुद सहित कुल 8 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई।

रसूखदारों पर शिकंजा: कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री और भाजपा नेता अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के साथ-साथ कई जमीन कारोबारियों और सरकारी अधिकारियों के परिसर खंगाले गए।

कैसे हुआ करोड़ों का ‘खेल’?

ED की जांच में यह खुलासा हुआ है कि सरकारी अधिकारियों और बिचौलियों ने मिलीभगत कर मुआवजे की राशि को हड़पने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची थी:

रिकॉर्ड में हेराफेरी: जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना (Section 3A) जारी होने के बाद भी ज़मीनों के मालिकाना हक में बदलाव किए गए।

फर्जी बँटवारा: मुआवजे की राशि बढ़ाने के लिए बड़े ज़मीन के टुकड़ों को बैकडेट (पिछली तारीखों) में परिवार के सदस्यों के बीच छोटे-छोटे हिस्सों में बाँट दिया गया।

राजस्व अधिकारियों की भूमिका: आरोप है कि अभनपुर के तत्कालीन SDO (राजस्व) निर्भय साहू और अन्य अधिकारियों ने पद का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों का अतिरिक्त मुआवजा जारी किया।

“मुआवजे के रूप में दी गई अतिरिक्त राशि दरअसल ‘Proceeds of Crime’ (अपराध की कमाई) है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान और आरोपियों को अवैध लाभ हुआ है।” — सूत्र, प्रवर्तन निदेशालय

आगे क्या?

ED ने न केवल नकदी और चांदी जब्त की है, बल्कि कई डिजिटल डिवाइस और आपत्तिजनक दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं। जांच एजेंसी अब उन ‘बेनामी’ संपत्तियों और बैंक खातों की तलाश कर रही है, जहां घोटाले का पैसा निवेश किया गया था। इस मामले में आने वाले दिनों में कुछ बड़ी गिरफ्तारियां भी संभावित हैं।

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस बड़ी ‘स्ट्राइक’ ने स्पष्ट कर दिया है कि बुनियादी ढांचे के विकास के नाम पर जनता की कमाई को लूटने वालों पर अब कानून का शिकंजा कस चुका है।

शेखर ठाकुर संपादक

शेखर ठाकुर वर्तमान में भारत संवाद न्यूज़ चैनल और दैनिक संवाद अपडेट समाचार पत्र में छत्तीसगढ़ संपादक के रूप कार्यभार संभाल रहे हैं। पत्रकारिता के प्रति अपने समर्पण और स्थानीय मुद्दों पर गहरी पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले शेखर, छत्तीसगढ़ की हर छोटी-बड़ी खबर को प्रमाणिकता के साथ जनता और प्रशासन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!