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योग से थमेगा बुढ़ापा: स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ते कदम — डॉ नवीन योगी

बस्ती। आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और असंतुलित दिनचर्या के बीच योग एक ऐसा प्रभावी

 

बस्ती। आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और असंतुलित दिनचर्या के बीच योग एक ऐसा प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है, जो न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि बढ़ती उम्र के प्रभाव को भी कम करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। संकल्प योग वैलनेस सेंटर के निदेशक डॉ. नवीन योगी ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति लंबे समय तक युवा, ऊर्जावान और मानसिक रूप से संतुलित रह सकता है।

उन्होंने बताया कि योग बुढ़ापे को पूरी तरह रोक तो नहीं सकता, लेकिन इसके प्रभाव को काफी हद तक धीमा जरूर कर सकता है। इसके लिए शारीरिक, श्वास और ध्यान संबंधी योग अभ्यासों का नियमित पालन आवश्यक है।

शारीरिक योग का महत्व

डॉ. योगी के अनुसार सूर्य नमस्कार एक संपूर्ण व्यायाम है, जो शरीर को लचीला और मजबूत बनाता है। वृक्षासन से संतुलन और एकाग्रता में सुधार होता है, जबकि पद्मासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत कर तनाव कम करने में सहायक होता है।

श्वास योग से बढ़ेगी ऊर्जा

प्राणायाम श्वास नियंत्रण के माध्यम से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाता है और मानसिक तनाव को कम करता है। भस्त्रिका प्राणायाम शरीर में ऊर्जा का संचार करता है और प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।

ध्यान और आध्यात्मिक योग का प्रभाव

ध्यान और मंत्र जाप मन को शांत और केंद्रित करते हैं। यह मानसिक स्थिरता के साथ-साथ सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं, जिससे व्यक्ति उम्र बढ़ने के प्रभाव को सहजता से संभाल पाता है।

योग के प्रमुख लाभ

योग से शरीर में लचीलापन बढ़ता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और तनाव में कमी आती है। साथ ही यह शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ाकर व्यक्ति को सक्रिय बनाए रखता है।

अंत में डॉ. नवीन योगी ने कहा कि योग के साथ संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और पर्याप्त नींद भी बेहद जरूरी है। यदि इन सभी को जीवन में शामिल किया जाए, तो बढ़ती उम्र भी स्वस्थ और सुखद अनुभव बन सकती

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