डॉ. सदानी के क्लीनिक में स्टाफ की बदसलूकी,
मरीज और पत्रकार से बोला - "अबे तुझे क्या मतलब, जो करना है कर लो"*

*डॉ. सदानी के क्लीनिक में स्टाफ की बदसलूकी, मरीज और पत्रकार से बोला – “अबे तुझे क्या मतलब, जो करना है कर लो”*
अभिषेक दुबे, जिला ब्यूरो चीफ
राजनांदगांव शहर के कामठी लाइन स्थित सत्यनारायण भवन के सामने जाने-माने डॉक्टर सदानी के क्लीनिक में मरीज के साथ स्टाफ द्वारा बदतमीजी का मामला सामने आया है। इलाज कराने पहुंचे मरीज ने जब डॉक्टर के बारे में पूछा तो स्टाफ ने तमीज खो दी।
*”तेरे को क्या मतलब” कहकर झाड़ा पल्ला*
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक मरीज डॉक्टर सदानी से मिलने पहुंचा था। डॉक्टर के न मिलने पर उसने स्टाफ से पूछा कि “डॉक्टर साहब कहां गए हैं?” इस पर क्लीनिक के कर्मचारी ने मरीज से कहा – “अबे तेरे को क्या मतलब?” जब वहां मौजूद एक पत्रकार ने मामला शांत कराने की कोशिश की तो स्टाफ ने उसे भी धमकाते हुए कहा, “जो करना है कर लो, मैं किसी से नहीं डरता।” *मरीज परेशान, उठे सवाल*
मरीज का कहना है कि वह इलाज के लिए आया था, डॉक्टर के न होने पर जानकारी लेना उसका हक है। लेकिन स्टाफ का रवैया बेहद आपत्तिजनक था। अगर अस्पताल और क्लीनिक में ही मरीजों से इस तरह बात की जाएगी तो वे इलाज के लिए कहां जाएं?स्थानीय लोगों ने कहा कि डॉक्टर सदानी का नाम शहर में जाना-माना है, लेकिन स्टाफ का ऐसा व्यवहार उनकी छवि खराब कर रहा है। लोगों ने मांग की है कि डॉक्टर खुद मामले का संज्ञान लें और स्टाफ को मरीजों से बात करने का सही तरीका सिखाएं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी ऐसे मामलों पर नजर रखनी चाहिए।
जिसमें डाक्टर सदानी की कोई गलती नहीं है